इस्लामाबाद, 19 जून (वार्ता) पाकिस्तान के संघीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को बिजली क्षेत्र में चक्रीय ऋण (सर्कुलर डेब्ट) से निपटने के लिए 1.275 खरब पाकिस्तानी रुपये (लगभग 4.6 अरब डॉलर) की योजना को मंजूरी दी जिसका उद्देश्य वित्तीय स्थिरता और निवेशकों का विश्वास बहाल करना है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी है।
प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह योजना स्थायी सुधार लाने के साथ राजकोषीय बोझ को कम करेगी और राष्ट्रीय बजट पर दबाव डाले बिना देश के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी।
इस बीच देश के ऊर्जा मंत्रालय ने एक अलग बयान में कहा है कि छह वर्षीय इस योजना को घरेलू वाणिज्यिक बैंकों के माध्यम से तीन महीने के कराची इंटरबैंक ऑफ़र रेट (केआईबीओआर) से 0.9 प्रतिशत कम ब्याज दर पर वित्तपोषित किया जाएगा। इसका 24 त्रैमासिक किश्तों में पुनर्भुगतान किया जाएगा।
लगभग 683 अरब रुपये का उपयोग पावर होल्डिंग कंपनी की देनदारियों को पुनर्वित्त करने के लिए किया जाएगा जबकि शेष राशि स्वतंत्र बिजली उत्पादकों के लंबे समय से बकाया चुकाने के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
मंत्रालय ने कहा कि वार्षिक पुनर्भुगतान की सीमा 323 अरब रुपए है तथा ब्याज दर में उतार-चढ़ाव की स्थिति में अधिकतम सीमा 1.938 खरब रुपए (7 अरब डॉलर) है।
