कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के 19 जून, 2020 के बयान को लेकर साधा निशाना, कहा – चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ के बावजूद दी गई क्लीन चिट; सरकार से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग।
नई दिल्ली, 19 जून (वार्ता): 19 जून, 2020 को गालवान घाटी में हुए खूनी संघर्ष के ठीक पांच साल पूरे होने पर, कांग्रेस ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चीन को ‘क्लीन चिट’ देने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आज एक बयान जारी कर कहा कि यह प्रधानमंत्री के उस बयान की पांचवी वर्षगांठ है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि “कोई हमारी सीमा में घुसा नहीं, न किसी पोस्ट पर कब्जा किया।” इस बयान को कांग्रेस चीन को क्लीन चिट देने वाला मानती है, जिसने भारत की संप्रभुता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
जयराम रमेश ने अपने बयान में कहा, “आज 19 जून, 2025 है, प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान की पांचवी वर्षगांठ, जब उन्होंने कहा था कि ‘कोई हमारी सीमा में घुसा नहीं, न किसी पोस्ट पर कब्जा किया।’ यह बयान चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र में स्पष्ट घुसपैठ और 20 भारतीय सैनिकों की शहादत के ठीक बाद आया था। यह आश्चर्यजनक है कि प्रधानमंत्री ने तब ऐसा बयान क्यों दिया, जब हमारी सेनाएं गालवान में चीनियों को खदेड़ने के लिए लड़ रही थीं।” कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री के इस बयान ने चीन को भारतीय क्षेत्र में अतिक्रमण करने का एक तरह से ‘पास’ दे दिया, जिसके परिणामस्वरूप पूर्वी लद्दाख में डेपसांग और डेमचोक जैसे कई प्रमुख विवादित क्षेत्रों में भारतीय सैनिकों के लिए गश्त के अधिकार सीमित हो गए हैं। रमेश ने आगे कहा कि सरकार ने अभी तक इस बात का स्पष्टीकरण नहीं दिया है कि चीनी सैनिकों ने भारतीय क्षेत्र के भीतर कितने वर्ग किलोमीटर पर कब्जा कर रखा है, और यह कब तक चलेगा।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि वह देश को गालवान और पूर्वी लद्दाख की वास्तविक स्थिति के बारे में बताए। जयराम रमेश ने कहा, “प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री लगातार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि चीन लगातार सीमा पर अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है और बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है।” उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और सरकार को इस पर पूरी पारदर्शिता दिखानी चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार चीन के प्रति एक नरम रुख अपना रही है और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। यह मामला आगामी मानसून सत्र में भी गरमा सकता है, जब कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही की मांग करेगी।

