
ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर में 167वीं पुण्यतिथि पर महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान मेले में भाग लेते हुए कहा कि वीरांगना लक्ष्मीबाई की शौर्यगाथा जन-जन तक पहुँचनी चाहिए। यह मेला पिछले 26 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा है और सरकार इसका पूरा सहयोग देगी। उन्होंने वीरांगनाओं के जीवन पर आधारित नाट्य मंचनों के लिए पाँच लाख रूपए की धनराशि देने की घोषणा की।
कार्यक्रम में शहीद मंगल पाण्डेय के साथी दुर्गा सिंह के वंशज और शौर्य चक्र प्राप्त शहीद विवेक सिंह तोमर की धर्मपत्नी एवं क्रिकेटर कु. वैष्णव शर्मा को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार वीरांगनाओं के सम्मान के लिए समर्पित है और यह भूमि वीरांगना लक्ष्मीबाई के बलिदान से पवित्र है। कार्यक्रम में महानाट्य और अखिल भारतीय कवि सम्मेलन भी आयोजित हुए, जिनमें देशभक्ति की भावना प्रबल हुई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई शिक्षा नीति और प्रदेश की विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया, जिनसे ग्वालियर-चंबल संभाग को विशेष लाभ मिलेगा। अंत में उन्होंने लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि दी और उनके शौर्य को नमन किया।
