इंदौर: नगर निगम द्वारा पिछले दिनों आईडीए की योजना में 4 मंजिला भवन को बम से उड़ाने की कारवाई की गई थी. उक्त कारवाई को लेकर निगम नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाते हुए पूछा कि जिस भवन को उड़ाया गया उस भवन के आसपास नाले के किनारे पर 25 भवन और बने हुए हैं. इनमें से किसी भी भवन पर नगर निगम में कोई कार्रवाई नहीं की है, क्यों? नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि नगर निगम की कार्रवाई अवैध वसूली को उजागर करती है.
आज निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि पिछले दिनों नगर निगम के द्वारा योजना क्रमांक 54 पीयु 4 में एक भवन को बम लगाकर उसे उड़ा दिया गया. पीड़ित भवन मालिक ने स्पष्ट कहा कि नगर निगम भवन अधिकारी के द्वारा 5 लाख रुपए की वसूली की गई थी. 15 लाख रुपए की मांग और रखी गई थीं. इस मांग को पूरा नहीं करने के कारण इस भवन पर कार्रवाई की गई है. निगम द्वारा बताया गया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियम के अनुसार नालें से 9 मीटर की परिधि में कोई निर्माण नहीं हो सकता है.
नये नियम लागू करने की कोशिश
चौकसे ने सवाल किया कि नाले के करीब कम से कम 25 भवन बने हुए हैं. इनमें से कोई भी भवन नाले से 9 मीटर की दूरी पर नहीं है. प्राधिकरण की योजना क्रमांक 54 पीयु 3 में भी बड़ी संख्या में भवन नाले के किनारे ही बने हुए हैं. चौकसे ने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों के द्वारा अपने और भाजपा नेताओं के निजी हितों की पूर्ति करने को लेकर पुराने स्थान पर नए नियम को लागू करने की कोशिश की जा रही है. चौकसे ने आरोप लगाया कि भवन को तोड़ने के पीछे अवैध वसूली का मामला है.
