भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने जारी किए नए दिशानिर्देश; थर्ड-पार्टी ऐप्स के लिए लागू होंगे नियम, जानिए कैसे होगा असर और क्या हैं बदलाव।
नई दिल्ली, 17 जून (वार्ता): डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) यूजर्स के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव आने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने UPI लेनदेन को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत 31 जुलाई, 2025 से कुछ पाबंदियां लागू होंगी। इन नए नियमों का मकसद UPI इकोसिस्टम को और अधिक सुरक्षित, कुशल और संतुलित बनाना है।
मुख्य रूप से, ये नए नियम थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर्स (TPAP) पर लागू होंगे, जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm, और Amazon Pay जैसे ऐप्स। NPCI ने इन ऐप्स के लिए कुल UPI लेनदेन में 30% की सीमा तय की है। इसका मतलब है कि कोई भी एक थर्ड-पार्टी ऐप कुल मासिक UPI लेनदेन का 30% से अधिक संसाधित नहीं कर पाएगा। इस कदम का उद्देश्य किसी एक ऐप के एकाधिकार को रोकना और बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। इन नियमों से छोटे TPAPs को भी बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का मौका मिलेगा। UPI लेनदेन की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए भी कुछ तकनीकी और परिचालन संबंधी बदलाव किए जा सकते हैं, हालांकि, अंतिम दिशानिर्देशों का विवरण अभी आना बाकी है। UPI यूजर्स को यह सलाह दी जा रही है कि वे अपने लेनदेन पैटर्न पर ध्यान दें और यदि वे मुख्य रूप से एक ही ऐप का उपयोग करते हैं, तो वे अन्य विकल्प भी तलाश सकते हैं ताकि 31 जुलाई के बाद किसी भी संभावित व्यवधान से बचा जा सके।

