
इंदौर.राजा सिर्फ मेरा छोटा भाई नहीं था, वह मेरे जीवन का वो हिस्सा था, जिसे अब कोई भर नहीं सकता. जिस तरह से उसकी पत्नी सोनम ने उसकी जान ली, वो सोचकर आज भी रूह कांप जाती है. हम सोच रहे थे कि वे हनीमून पर हैं… पर वो तो मौत का सफर बन गया.
यह कहना है इंदौर के विपिन रघुवंशी का, जिनके छोटे भाई राजा की हत्या उसकी ही पत्नी सोनम ने मेघालय के शिलांग में कर दी थी, जहां इस हत्याकांड ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया . वहीं दो प्रदेशों के बीच भी खाई बनाने का काम किया था. राजा के भाई विविन रघुवंशी से जब मीडिया बात कर रही थी तब वह फफक कर रो पड़े, उन्होंने अपना दर्ज बयां करते हुए कहा कि मैं राजा की लाश से लिपटकर रोना चाहता था, लेकिन उसका शरीर गल चुका था. मुझे उसका चेहरा तक ठीक से नहीं देखने मिला. खुद को संभालते हुए उन्होंने आगे कहा कि रघुवंशी परिवार इंदौर में पिछले 27 सालों से रह रहा है. हम तीन भाई हैं, लेकिन हमारे बीच की एकता देखकर लोग कहते थे कि जैसे तीन सौ भाई हो, राजा सबसे छोटा था, सबसे दुलारा, उसकी हर बात मानी जाती थी. अपने आप को संभालते हुए उन्होंने यह भी कहा कि हमने उसकी शादी को यादगार बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी थी. हल्दी, मेहंदी, संगीत, पटाखों वाली एंट्री सब कुछ वैसा ही किया जैसा राजा चाहता था. मेरी खुद की शादी में इतनी रस्में नहीं हुई थीं, लेकिन भाई के लिए सब किया.
हमने रिश्ते में लड़की नहीं परिवार देखा, बस यहीं गलती कर गए. राजा की शादी सोनम से एक सोशल एप के जरिए तय हुई थी.पहली ही मुलाकात में सोनम ठीक लगी, वहीं परिवार भी सुसंस्कृत लगा. हमें लगा यह रिश्ता अच्छा रहेगा, पर हम लड़की की पड़ताल करना भूल गए. जो हमारी सबसे बड़ी भूल साबित हुई. ऐसे में अब तो अरेंज मैरिज से भी भरोसा उठ गया है. राजा हमारे घर में परिवार का सिर्फ लाड़ला ही नहीं व्यापार का भी एक मजबूत आधार था. वहीं हमारे पूरे कारोबार को अकेला संभालता था, उसके जाने से हमारी रीढ़ ही टूट सी गई है. विपिन रघुवंशी की आंखे यह कहते हुए भी भर आई कि यह घर भी हमने उसी की जिद पर बनवाया था, मगर जब से राजा गया हैं, तब से घर खाली-खाली लगता है.
