
सिंगरौली। तहसील बरगवां क्षेत्र के गोंदवाली में आज खनिज विभाग की टीम पहुंची। जहां मेसर्स पावसून इन्ट्रस्ट्रीज प्रा.लिमिटेड के करीब 16 हजार टन कोयले को जब्त करते हुये दो दिन के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करने की मोहलत दी गई है। यह कार्रवाई आज शनिवार को नवभारत द्वारा प्रकाशित खबर पर कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला ने लिया।
दरअसल बरगवां के गोंदवाली में रेलवे साइडिंग एवं स्वयं के खरीदी भूमि में कोयले का भण्डारण मेसर्स पावसून इन्ड्रस्ट्रीज प्राईवेट लिमिटेड के द्वारा किया जा रहा था। जबकि कलेक्ट्रोरेट के खनिज शाखा से अनुमति नही मिली है। यह उक्त कंपनी के द्वारा करीब दो-तीन महीने से एनसीएल के विभिन्न परियोजनाओं से नियमानुसार वैधानिक अभिलेख के माध्यम से क्रय कर भण्डारित किया जा रहा था। किंतु जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग के अधिकारी इसे नहीं जानते थे। शायद उन्हें इस बात की जानकारी नही थी कि मेसर्स पावसून इन्ड्रस्ट्रीज प्राईवेट लिमिटेड कलेक्टर के बिना अनुमति के ही कोयले का भण्डारण किया जा रहा है। आज कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला एवं एसपी मनीष खत्री के निर्देश पर खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के नेतृत्व में सहायक खनिज अधिकारी द्वय कपिलमुनी शुक्ला एवं डॉ. विद्याकांत तिवारी समेत अन्य विभाग का स्टाफ गोंदवाली एवं भलुगढ़ पहुंच उक्त कंपनी के औद्योगिक इकाई का मौका निरीक्षण किया। जहां कोयला भण्डारित होना मिला। साथ ही कंपनी के कर्ताधर्ताओं से वैधानिक अभिलेख एवं दस्तावेज की मांग की गई। कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि उक्त कोयला एनसीएल सिंगरौली के विभिन्न परियोजनाओं के नियमानुसार वैधानिक अभिलेखों के माध्यम से कोयला का भण्डारण किया गया है। इकाई स्थापित करने के लिए भूमि का आवंटन उद्योग विभाग के द्वारा किया गया है। अंश भाग मेसर्स पावसून इन्ड्रस्ट्रीज प्राईवेट लिमिटेड द्वारा स्वयं क्रय किया गया है। कुल रकवा 27 हे. होना बताया गया है। इसके अलावा परियोजना द्वारा रेलवे विभाग से प्राप्त अनुमति अनुसार रेलवे साइडिंग से सटे हुये क्षेत्र पर स्वयं की रेलवे साइडिंग विकसित की गई है।
कोयले को नही किया खुर्द-बुर्द, दो दिन का दिया वक्त
खनिज विभाग की टीम ने मौके पर करीब 16 हजार टन कोयले को जब्त किया और कहा कि आगामी आदेश तक कार्य बंद रखे। वर्तमान में जिस हालत में है, उसी अवस्था में रहने दे। सोमवार को समस्त अभिलेख एवं दस्तावेज प्रस्तुत करें।
इनका कहना:
कलेक्टर के निर्देश पर आज गोंदवाली पहुंच कोल साइडिंग का निरीक्षण किया गया। जहां करीब 15 से 16 हजार टन कोयला भण्डारित था। दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए दो दिन की मोहलत दी गई है। कलेक्ट्रोरेट से अभी अनुमति नही मिली है। रेलवे साइडिंग से अनुमति है। दस्तावेज देखने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक के लिए कार्य बंद करा दिया गया है।
आकांक्षा पटेल
जिला खनिज अधिकारी, सिंगरौली
