हनीमून हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों का अदालत में बयान देने से इंकार

शिलांग, 27 जून (वार्ता) मध्य प्रदेश में इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या में कथित रूप से शामिल दो आरोपियों ने मेघालय में यहां मजिस्ट्रेट के सामने बयान देने से इनकार कर दिया है जबकि मेघालय पुलिस ने कहा है कि उनके पास मामले में उनकी संलिप्तता के पर्याप्त सबूत हैं।

इस बीच राजा की हत्या के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व कर रहे हर्बर्ट खारकोंगोर ने शुक्रवार को कहा कि हत्या के पांच आरोपियों में से दो आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी मामले के संबंध में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के अनुसार मजिस्ट्रेट के सामने बयान नहीं देना चाहते थे।

श्री खारकोंगोर ने कहा “हमने (पांच) आरोपियों में से केवल दो को मजिस्ट्रेट के पास भेजा। वे कोई बयान नहीं देना चाहते थे और यह उनका विशेषाधिकार है। लेकिन हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं। हम एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की रिपोर्ट का भी इंतजार कर रहे हैं जो मामले को और मजबूती देगी।”

उन्होंने बताया कि पुलिस के सामने दिए गए आरोपियों के इकबालिया बयान अदालत में स्वीकार्य नहीं हैं । श्री खारकोंगोर ने कहा ” ये उनका अधिकार है कि वे इकबालिया बयान नहीं दें। लेकिन भौतिक साक्ष्य बहुत महत्वपूर्ण हैं। कोई मुद्दा नहीं है। हमारे पास मामले में उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।”

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष दिया गया इकबालिया बयान अदालत में मान्य है। मजिस्ट्रेट आरोपी के वकील की मौजूदगी में बयान दर्ज करने के लिए ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक साधनों का भी उपयोग कर सकते हैं ।

आरोपियों के खिलाफ पुख्ता मामला बनाने के लिए पर्याप्त सबूत होने का भरोसा जताते हुए श्री खारकोंगोर ने कहा “मामले की जांच जारी है। एक बार जब हम तैयार हो जाएंगे तो हम 90 दिनों के भीतर मामले में आरोप पत्र दाखिल करेंगे।”

इससे पहले मेघालय पुलिस ने दावा किया था कि सभी पांच आरोपियों ने अपराध कबूल कर लिया है। पुलिस ने राजा की निर्मम हत्या के सिलसिले में उसकी विधवा सोनम रघुवंशी, उसके प्रेमी राज सिंह कुशवाहा और तीन अन्य सह-आरोपियों आनंद, आकाश और विशाल सिंह चौहान को गिरफ्तार किया था। राजा का शव दो जून को एक गहरी खाई से मिला था जबकि उसकी पत्नी 8 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में बदहवास सी पाई गई। वह उस समय सामने आयी जब मेघालय पुलिस की एसआईटी ने उसके प्रेमी और सह-आरोपियों को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया।

गौरतलब है कि 17 जून को सोनम ने आनंद, आकाश और विशाल सिंह चौहान के साथ मिलकर सोहरा के वेई सावडोंग पार्किंग में अपराध स्थल पर घटना के पुनर्चित्रण के दौरान जांच दल को दूसरे बरामद हथियार की बरामदगी करा दी थी।

वर्तमान में सोनम और उसका प्रेमी 13 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं जबकि विशाल सिंह चौहान, आनंद कुर्मी और आकाश राजपूत को स्थानीय अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एसआईटी ने सोनम और उसके प्रेमी राज की मदद करने और हत्या के मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूतों को नष्ट करने के आरोप में तीन और लोगों – लोकेंद्र सिंह तोमर, सिलोम जेम्स और बल्ला अहिरवार उर्फ ​​’बल्लू’ को भी गिरफ्तार किया है।

तोमर देवास नाका स्थित एक फ्लैट का मालिक है जहां सोनम ने अपने पति की हत्या के बाद इंदौर में छिपने के लिये शरण ली थी जबकि जेम्स एक प्रॉपर्टी डीलर है जिसने विशाल को फ्लैट किराए पर दिया था । बल्ला इलाके में सुरक्षा गार्ड और बढ़ई का काम करता है।

तीनों ने उस बैग को जला दिया जिसमें कुछ अज्ञात सामान था। इसकी फोरेंसिक जांच की जा रही है। उन्होंने एक पिस्तौल भी फेंक दी और बैग से लैपटॉप एवं नकदी भी निकाल ली। जेम्स की मदद से देसी पिस्तौल एक नाले से बरामद की गई और एक कार से 50,000 रुपये की नकदी बरामद की गई। हालांकि लैपटॉप और कुछ आभूषण अभी तक नहीं मिले हैं। गौरतलब है कि मेघालय की एक निचली अदालत ने गुरुवार को तीनों को छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया ।

 

 

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