भोपाल। मुख्य सचिव को वक्फ उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की अनिवार्यता के विषय को लेकर पत्र लिखा गया है. कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इस संबंध में पत्र लिखा है. मसूद ने जानकारी साझा की है कि शासन ने 06 जून से वक्फ उम्मीद पोर्टल की शुरूआत की है. जिसमें वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है जबकि, ज़्यादातर संपत्तियों का गजट नोटिफिकेशन जारी हो चुका है और शासन के रिकार्ड में वक्फ संपत्ति के नाम पर दर्ज हैं.
कांग्रेसी विधायक ने लिखा कि वक्फ कानून 2025 के विरोध में सर्वोच्च न्यायालय में कई याचिकायें लंबित हैं जिसमें वह स्वयं भी याचिकाकर्ता हैं. उन्होंने उल्लेख किया कि न्यायालय ने फाइनल ऑर्डर को सुरक्षित रखा है और सर्वोच्च न्यायालय ने समस्त याचिकाओं में अंतरिम आदेश जारी कर शासन को निर्देशित किया है कि जब तक समस्त याचिकाओं का निराकरण नहीं हो जाता है तब तक वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण के संबंध में कोई भी कार्यवाही नहीं की जावेगी परंतु शासन ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए वक्फ उम्मीद पोर्टल की शुरूआत की है. आरिफ मसूद ने अपील की है कि तत्काल ही इस संबंध में किये गये समस्त आदेशों को निरस्त किया जाए.
