इंदौर: बक्षी बाग की लगभग 200 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक बावड़ी को पुनर्जीवित करने का कार्य प्रारंभ किया गया है. यह बावड़ी वर्षों से उपेक्षा का शिकार रही थी और जीर्ण-शीर्ण अवस्था में थी. अब इसे नए स्वरूप में लाकर क्षेत्रवासियों के लिए उपयोगी बनाया जा रहा है.इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा यह केवल सफाई का कार्य नहीं है, बल्कि इंदौर के भूजल संरक्षण की दिशा में एक ठोस पहल है.
हमारा उद्देश्य वर्षा जल के संरक्षण और भूगर्भीय जल स्तर में वृद्धि करना है. महापौर ने बताया कि नगर निगम द्वारा जल भराव वाले स्थलों पर रिचार्ज शाफ्ट लगाने का कार्य भी कर रहा है, जिससे बारिश का जल फ़िल्टर होकर ज़मीन में समाहित हो सके. इस प्रक्रिया के तहत 200 से अधिक रिचार्ज शाफ्ट बनाए जा रहे हैं, जो न केवल जल संग्रहण बल्कि भूजल स्तर बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होंगे.
