
नई दिल्ली, 04 जून (वार्ता) देश के सबसे बड़े निजी हवाईअड्डा संचालक अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) ने अंतरराष्ट्रीय बैंकों के एक समूह से बाहरी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के माध्यम से 75 करोड़ डॉलर का वित्तपोषण प्राप्त किया है।
कंपनी ने बुधवार को यहां बयान जारी कर कहा कि इस लेनदेन का नेतृत्व फर्स्ट अबू धाबी बैंक, बार्कलेज पीएलसी, और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने किया। प्राप्त वित्तपोषण का एक हिस्सा मौजूदा 40 करोड़ डॉलर के ऋण के पुनर्वित्त में लगाया जाएगा जबकि शेष धनराशि का उपयोग अहमदाबाद, लखनऊ, मंगलुरु, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम जैसे प्रमुख हवाईअड्डों के बुनियादी ढांचे के उन्नयन और गैर-वैमानिकी व्यवसायों जैसे रिटेल, एफएंडबी, ड्यूटी फ्री और अन्य सेवाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा।
एएएचएल ने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 9.4 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान की जबकि उसकी कुल क्षमता 11 करोड़ यात्रियों की है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2040 तक वार्षिक 30 करोड़ यात्रियों की क्षमता हासिल करना है। इस रोडमैप में नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा एक प्रमुख भूमिका निभाएगा, जिसका पहला चरण जल्द शुरू होने की उम्मीद है और जिसकी वार्षिक क्षमता को नौ करोड़ यात्रियों तक चरणबद्ध रूप से बढ़ाया जाएगा।
एएएचएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण बंसल ने कहा, “वैश्विक वित्तीय संस्थानों का यह विश्वास भारतीय विमानन बुनियादी ढांचे की दीर्घकालिक संभावनाओं का प्रमाण है। हम न केवल बेहतरीन ग्राहक अनुभव और निर्बाध संचालन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं बल्कि टिकाऊ और समुदाय-हितैषी हवाईअड्डा नेटवर्क के निर्माण की दिशा में भी अग्रसर हैं।”
इस वित्तीय सौदे में लेथम एंड वाटकिंस एलएलपी और लिंकलेटर एलएलपी ने अंग्रेजी कानून सलाहकार, जबकि सिरिल अमरचंद मंगलदास और टीटी एंड ए ने भारतीय कानून सलाहकार के रूप में भूमिका निभाई।
