सीहोर:कुबेरेश्वरधाम में सात दिवसीय आन लाइन शिवपुत्री शिव महापुराण के पांचवें दिवस पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव पर एक लौटा जल चढ़ा देने मात्र से ही हमारी सभी इच्छाएं और मनोकामना पूरी हो जाती हैं. इसके लिए आवश्यक है कि हम जल निष्कपट भाव से चढ़ाएं.
उन्होंने कहा कि प्रेम जोड़ता और भ्रम तोड़ता है. कभी संबंध बनाने हैं, तो प्रेम प्यार में हारना पड़ता है. जिससे प्यार करते हैं, उससे हारने में मजा आता है. प्रेम में जीत भी हार बन जाती है, इस भाव को परिवार में बनाए रखना चाहिए. सास अपनी बहू की गलती को माफ करे और उसे अपने अनुभव से समझाना चाहिए. जिससे परिवार में कोई विवाद की स्थिति निर्मित नहीं हो. भगवान शिव और पार्वती की चौसर खेल का वर्णन किया.
