टूट चुका है फर्श, दिख रही गिट्टियां
जबलपुर: मुख्य रेलवे स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाने की कवायत की जा रही है जिसके लिए करोड़ों रुपए खर्च भी किए जा रहे है। इसके परिणाम भी प्लेटफार्म क्रमांक एक और छह पर देखे जा सकते हैं। दोनों के बाहरी हिस्से को चकाचक बना दिया गया। प्लेटफॉर्म क्रमांक 1और 6 दोनों में टाइल्स लगाकर इसे व्यवस्थित किया जा चुका है, लेकिन प्लेटफार्म क्रमांक 4 और 5 का फर्श अब उधड़ चुका है जिसके कारण इसकी गिट्टी तक नजर आने लगी है। यात्रीगण प्लेटफार्म क्रमांक 1 और 6 पर तो आराम से बैठ और लेट भी सकते हैं, वहीं प्लेटफॉर्म क्रमांक 5 को लावारिस और बदहाल छोड़ दिया गया है। प्लेटफॉर्म के फर्श पर धूल जमी हुई है। कई जगह से फर्श उखड़ गया। उसमें थिगड़े लगा दिए गए थे।
दस वर्षों का समय बीता
रेलवे से जुड़े जानकारों की माने तो प्लेटफॉर्म क्रमांक 5 का निर्माण करीबन 10 से 12 वर्षों पहले हुआ था। जिसके बाद प्लेटफॉर्म क्रमांक 6 का निर्माण किया गया था। गुजरते समय के साथ प्लेटफॉर्म क्रमांक 6 का कायाकल्प तो बहुत अच्छे से किया गया, लेकिन प्लेटफार्म क्रमांक 5 को बदहाल होने के लिए छोड़ दिया गया है। ये स्टेशन के सबसे पुराने प्लेटफॉर्म में से एक है, जबकि प्लेटफॉर्म क्रमांक 2 और 3 बहुत हद तक बेहतर स्थिति में हैं। लगता तो यही है कि अधिकारियों और ठेकेदारो ने प्लेटफॉर्म क्रमांक 5 के निर्माण पर ठीक से ध्यान नहीं दिया है।
प्लेटफार्म क्रमांक एक और छह को तवज्जो
स्टेशन में मौजूद अन्य प्लेटफार्मों का हाल देखकर तो यही लगता है कि सारी सुविधाओं का ध्यान केवल प्लेटफार्म क्रमांक 1 और 6 के यात्रियों के लिए ही रखा जा रहा है। इनमें टाइल्स लगी है साथ ही यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है। इसके अलावा जो-जो सुविधाएँ स्टेशन पर होनी चाहिए वे सभी यहां मौजूद हैं। वहीं 5 नंबर व अन्य प्लेटफॉर्म से यात्रा करने वालों को 1 और 6 नंबर जैसी सुविधाएँ मुहैया नहीं कराई जा रही है।
ठसा ठस पैक चल रही ट्रेनें
प्रयागराज में लगे महाकुंभ मेले के चलते पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनें यात्रियों से ठसा ठस भरकर चल रही है। महाराष्ट्र, गुजरात एवं दक्षिण भारत से जबलपुर होते हुए प्रयागराज और आगे बिहार, पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाली ट्रेनों में इस समय पैर रखने की भी जगह नहीं है। लोगों ने एक माह पहले से ही ट्रेनों के टिकट बुक कर दिए थे। जबलपुर से होते हुए प्रयागराज की ओर जाने वाली महानगरी एक्सप्रेस, हावड़ा मेल, गोदान एक्सप्रेस, पवन एक्सप्रेस, पटना एक्सप्रेस जैसी अन्य गाड़ियों में लंबी वेटिंग देखने को मिल रही है।
इनका कहना है
मुख्य रेलवे स्टेशन में मौजूद सभी प्लेटफॉर्मों का कायाकल्प किया जाएगा। इनमें सारी सुविधाएं शामिल रहेंगी। रही बात ट्रेनों में भीड़ की तो कुंभ स्पेशल ट्रेनें रेलवे द्वारा चलाई जा रही है। जो काफी हद तक रेगुलर ट्रेनों में भीड़ कम करने में मदद करेंगी।
हर्षित श्रीवास्तव, सीपीआरओ, पश्चिम मध्य रेल
