जबलपुर: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम व्यवस्था देते हुए कहा कि यदि कर्मचारी ने अंडरटेकिंग नहीं दी है तो सेवानिवृत्ति के बाद उससे रिकवरी नहीं की जा सकती। इस मत के साथ हाईकोर्ट ने सेवा पुस्तिका में ग्रेड पे हटाने की कार्रवाई को अनुचित मानते हुए उसे निरस्त कर दिया। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को पूर्व में दी गई तीसरी क्रमोन्नति का लाभ बहाल करने व पूर्ण पेंशन प्रदान करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा िक यदि याचिकाकर्ता से कोई राशि वसूली गई है, तो उसे 45 दिन की अवधि में लौटाएं, वरना 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
डिंडोरी निवासी सेवानिवृत्त प्राचार्य चमरिन बाई उरैती की ओर से अधिवक्ता अधिवक्ता वंदना त्रिपाठी ने रखा। याचिकाकर्ता को वर्ष 2019 में तीसरी क्रमोन्नति के उच्च ग्रेड पे प्रदान किया गया था, जो उनकी सेवानिवृत्ति तक जारी रहा। बाद में विभाग द्वारा यह कहते हुए उसे निरस्त कर दिया गया कि उन्हें पूर्व में दो बार पदोन्नति मिल चुकी थी। दलील दी गई कि याचिकाकर्ता ने कोई गलत लाभ नहीं लिया, बल्कि विभाग के द्वारा यह वेतन लाभ प्रदान किया गया।
