सतना: सरकार जहां शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के प्रयास में जुटी है, वहीं जिले के कुछ अधिकारी और शिक्षक इस व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं. समग्र शिक्षा अभियान के तहत बीएसी और सीएसी पदों पर नियमों को दरकिनार कर मनमानी प्रतिनियुक्ति की जा रही है. योग्यताओं की अनदेखी कर प्राथमिक शिक्षकों को भी इन पदों पर नियुक्त कर दिया गया है, जबकि नियमानुसार यह माध्यमिक शिक्षकों के लिए आरक्षित हैं.
काउंसिलिंग की प्रक्रिया जानबूझकर बाधित की जाती है ताकि शिकायतों के आधार पर उसे निरस्त किया जा सके, फिर व्यवस्था के नाम पर पदों की बोली लगाई जाती है. कई शिक्षक 15 से 18 वर्षों से इन पदों पर जमे हुए हैं, जबकि इनकी प्रतिनियुक्ति केवल 4 वर्षों के लिए होनी चाहिए.इन शिक्षकों की शाला में उपस्थिति केवल कागजों पर है, जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है. अब उम्मीद है कि नए सत्र में प्रशासन इस पर सख्ती से कार्रवाई कर व्यवस्था में सुधार लाएगा.
