हरसूद: विस्थापित महिलाओं का PM को मार्मिक पत्र

खंडवा। इंदिरा सागर बांध परियोजना मैं डूब गए हरसूद की 21वीं बरसी के अवसर पर हरसूद की विस्थापित महिलाओं ने नए हरसूद की विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को मार्मिक पत्र लिखकर अवगत कराया। हरसूद से विस्थापित महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में उल्लेख किया कि डूब कर बहुत कुछ खो चुकी लाड़ली बहनों की मार्मिक अपील,प्रधानमंत्री आपके सुशासन में जहां देश के विकास को पंख लग रहे हैं । भारत दुनिया में नाम कर रहा है वही भारत के हृदय स्थल में स्थित मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के हरसूद शहर सहित 254 गांव जो इंदिरा सागर बांध में जलमग्न हो कर बर्बाद हो गए । यहां के लोगों ने राष्ट्र हित की महती परियोजना में अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया । हमें बलिदानी की संज्ञा तो मिली परंतु हमारी सुध लेने वाला कोई नहीं है। आज हम हरसूद की विस्थापित महिलाए हरसूद डूब की इक्कीसबी बरसी के अवसर पर करबद्ध प्रार्थना करते हे कि आप हमारे पुनर्वास स्थल नया हरसूद में निम्म समस्याओं को अतिशीघ्र दूर करे। इन समस्याओं की मांग हम दो दशकों से लगातार विधायक, सांसद और मंत्री से दर्जनों बार कर चुके हैं आशा आप इन मांगों को गंभीरता से लेकर इसे हल करेंगे। हमारी मांगे निम्नवत हे। नए हरसूद में व्यावसायिक भूखंडों का मलिकाना हक दिया जाय। इसके लिए एनएचडीसी कंपनी ने डूब पीडि़तों से पूरी कीमत वसूली है। व्यवसायिक भूखंडों का मलिकाना हक मिलता हे तो डूब पीडि़त अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे। नए हरसूद में शिक्षित बेरोजगारों और महिलाओं के रोजगार के लिए छोटे बड़े उद्योगों की स्थापना की जाए। नए हरसूद में डूब पीडि़तों को आबंटित आवासीय भूखंड उबड़ खाबड़ हे उन्हें समतल करके दिए जाए ताकि जिन लोगों ने आशियाना नहीं बना पाए वे अपना आशियाना बना सके। इंदिरा सागर बांध प्रभावितो को सरदार सरोवर और ओंकारेश्वर बांध परियोजना की तरह स्पेशल पैकेज देने की कृपा करें। हरसूद से विस्थापित महिलाएं मनोरमा अग्रवाल, जया माखीजा ,सीमा अग्रवाल , माया सिंहल , सुरभि बंसल, जया शर्मा , प्रिया जैन जय श्री तिवारी आदि ने विस्थापित संघ सदस्यों चंद्र कुमार सांड ओर अनुराग बंसल के साथ रविवार को प्रधानमंत्री को मार्मिक पत्र लिखा।

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