नदी शुद्धीकरण योजना पड़ी ठंडी
इंदौर: क्लीन, स्मार्ट एंड हेल्दी सिटी प्रोजेक्ट के तहत कई योजनाएं बनाकर शहरवासियों के सामने रखी गई थी. उनमें वॉटर ट्रीटमेंट प्लान से शहर के नालों की सफाई का भी प्रस्ताव दिखाया गया था, जिससे शहर को गंदे नाले रहित बनाया जा सके. इस बड़ी योजना के विफल होने पर नाला टेपिंग करने के बाजाए नगर निगम द्वारा शहर के हर छोटे-बड़े नालों की पुलियां के दोनों ओर पौधा गमले लगाकर ढक दिया गया जिससे जनता मन बहला दिया गया. लेकिन गंदगी तो गंदगी होती है. आज भी इन नालों की गंदगी से उठने वाली कई तरह की बीमारियां शहर में फैलती है, जिसका अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता. शहर में कई गंदे नाले है जिससे परेशानी हो रही है.
इनका कहना है…
इन नालों की बात की जाती है जिस पर बड़ी योजना की बात की गई थी. यह तो दूर की बात है कि इसके अलावा कान्ह नदी शुद्धीकरण योजना तो मिली ही नहीं है.
– काका जुनेजा, व्यापारी
गंभीर बात तो यह है कि यहां सभी नालें शहर के बीचों बीच से गुज़रते है, जो शहर की सुंदरता बिगाड़ते ही है. इससे उठने वाले संक्रमण मानव जीवन के लिए हानिकारक हैं.
– एसके बकोरे, विधि सलाहकार पर्यावरण हितैषी फाउंडेशन
सभी कॉलोनियों बस्तियों की सीवरेज लाईनें आज तक इन नालों से कट नही की गई. जैसा कि पहले बताया गया था वॉटर ट्रीटमेंट प्रोजक्ट को बड़े स्तर पर शुरू किया जाना चाहिए इसमें जनता भी साथ है.
– मनोज गुप्ता, समाजसेवी
