इंदौर: सड़क चौड़ीकरण के लिए की जा रही तोड़-फोड़ का मामला वार्ड क्रमांक 30 से सामने आया है. यहां के मालवीय नगर में सड़क को चौड़ा होने की चर्चा तो पिछले कई वर्षो से होती आ रही थी. वहीं नगर निगम द्वारा मास्टर प्लान के तहत हाल में सड़क चौड़ी करने के लिए कार्रवाई शुरू की, जिसमें क्षेत्रवासियों ने स्वेछा से अपने मकान का बाधित हिस्सा हटाना शुरू कर दिया. हालांकि इनके मकान का काफी हिस्सा बच रहा है.
लेकिन जब इसी मार्ग पर उनतीस मकानों पर पड़ती जहां एक इंच जगह भी नहीं बच रही है तो चिंता का विषय बनता है. रहवासियों से बात करने पर पता चला कि क्षेत्रिय विधायक द्वारा मकान नहीं टूटने का आश्वासन दिया था लेकिन अब वह भी अपने वादे से पलट गए हैं. निगम का कोई भी अधिकारी इन्हें दूसरा विकल्प नहीं दे रहा जबकि इनके मकानों के पीछे पच्चीस फीट सरकारी जमीन खली पड़ी हुई है. यहां कई बड़े परिवार है, तो कोई अपने छोटे बच्चों के साथ निवास करता है. कुछ परिवार तो ऐसे है जहां बेसहारा महिलाएं भी है. ऐसे में चिंता में सभी की नींदे उड़ी हुई है.
इनका कहना है
चालिस वर्षों से रह रहे है. हमारे बाप-दादाओं की पीढ़ी गुज़र गई. जब तोड़ना था तो पहले ही बसने नहीं देते. आज अपने परिवार को लेकर कहां भटकेंगे. हमें कोई विकल्प या पीछे जगह हैं वहीं बसा दें.
– शराफत खान
अधिकरी कहते हैं किराए के मकान की व्यवस्था करो. आज दस हज़ार से कम किराए का मकान नहीं है. जब दस-बारह हज़ार ही कोई कमाते हो उपर से घर खर्च, बच्चों की पढ़ाई हम कहां से करेंगे.
– रश्मि कुशवाह
अधिकारी हटने की चेतावनी देते हैं. हम विकल्प पूछते हंै तो आवेदन मांगते हैं. कई जगह आवेदन लगाए लेकिन प्रशासन ने अभी तो विकल्प नहीं बताया. सभी मजदूर वर्ग के हैं. हाथ में जमा पूंजी तक नहीं है.
– सलमा खान
विकास करो लेकिन गरीबों के घरों को तो मत उजाड़ो. इन उनतीस मकान टूटने पर एक फिट जगह नहीं बच रही है. इन्हीं के पीछे खाली जगह पड़ी है सभी तो पीछ सरका दिया जाए यही सही विकल्प है.
– रवी रसेने
