सीवर लाइन प्रोजेक्ट की खुली पोल, शुरू होने से पहले ही फेल

कनेक्शन के बाद राजेंद्र नगर और उमरी में सड़कों पर बहने लगा बदबूदार मैला

 

सतना। शहर का महत्वाकांक्षी सीवर लाइन प्रोजेक्ट को लेकर भले ही पूर्ण होने की अंतिम अवस्था में होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। एक ओर जहां प्रशासन और संबंधित विभाग 492 किलोमीटर की सीवर लाइन में से 434 किलोमीटर का काम पूरा होने की बात कह रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में लाइन शुरू होने से पहले ही फेल हो रही है।

 

हाल ही में राजेन्द्र नगर और वार्ड क्रमांक-2 के अहरी टोला में सीवर लाइन के चेंबर फेल होने से सडक़ों पर गंदगी का उफान देखने को मिला, जिसने न केवल स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ाई बल्कि प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए। बीते दिनों राजेन्द्र नगर में सीवर लाइन के फेल होने के बाद बनी हुई सडक़ को खोदना पड़ा, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ। इसके बाद अब वार्ड क्रमांक-2 के अहरी टोला में भी यही स्थिति देखने को मिली। यहां सीवर चेंबर से गंदगी बाहर आने से पूरी सडक़ पर बदबू और गंदगी फैल गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब प्रोजेक्ट अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, तब ही ऐसी स्थिति है, तो पूरे शहर में लाइन चालू होने पर क्या हाल होगा?

 

प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल

सीवर लाइन प्रोजेक्ट को शहर की स्वच्छता और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए शुरू किया गया था, लेकिन बार-बार लाइन के फेल होने की घटनाएं इसकी गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब निर्माण सामग्री, अपर्याप्त तकनीकी निगरानी और ठेकेदारों की लापरवाही इसकी मुख्य वजह हो सकती है। स्थानीय लोगों ने भी ठेकेदारों और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। लिहाजा मौजूदा हालात को देखते हुए यह सवाल उठने लगा है कि क्या इतने बड़े पैमाने पर शुरू होने के बाद यह प्रोजेक्ट शहर की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा।

 

स्थानीय लोगों में नाराजगी

अहरी टोला और राजेन्द्र नगर के निवासियों ने प्रोजेक्ट की लचर व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सडक़ों पर फैली गंदगी और बदबू के कारण बच्चों और बुजुर्गों को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, बार-बार सडक़ों को खोदने से यातायात और दैनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन और ठेकेदार इस समस्या का तत्काल समाधान करें और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करें।

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