
ग्वालियर। श्री गिर्राज मंदिर मुरार का दो दिवसीय 52 वां स्थापना दिवस शनिवार को वैदिक रीति-रिवाज के साथ मनाया गया। इस दौरान मंदिर में अखंड रामायण पाठ हुआ, भगवान गिर्राज जी का दूध दही से अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया एवं सांयकाल छप्पन भोग एवं फूल बंगला सजाया गया, भजन कीर्तन एवं महाआरती के पश्चात प्रसादी का वितरण किया गया।
श्री गिर्राज मंदिर, मुरार के महंत मुकेश मोहन पांडे ने बताया कि श्री गिर्राज जी मंदिर की शिला का सदर बाजार मुरार में 1973 में स्थापना की गई थी। भगवान गिर्राज जी की मूर्ति के लिए गोवर्धन पर्वत से शिला को लाकर स्थापित किया गया था। इसी शिला की भक्तगण परिक्रमा करते हैं। साथ ही गुरुपूर्णिमा को भी यहां पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता है।
