भोपाल: टीबी मुक्त भारत अभियान की तैयारियों के तहत मधुमेह के मरीजों, कुपोषित, धूम्रपान करने वाले, शराब सेवन करने वाले, पूर्व टीबी मरीज, संपर्क व्यक्ति और एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को लक्षित कर गतिविधियों का आयोजन किए जाने पर जोर दिया जाएगा। टीबी मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य उच्च जोखिम वाले मरीजों की स्क्रीनिंग, जांच, और उपचार प्रदान करना है।
जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ प्रांजल खरे ने बताया कि अभियान के तहत विभिन्न शिविरों का आयोजन प्रमुख सार्वजनिक स्थानों जैसे रेलवे और बस स्टेशनों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और स्वास्थ्य केंद्रों पर किया जाएगा। नि-क्षय शिविरों का आयोजन कारखानों, उद्योगों, ईंट भट्टों, निर्माण स्थलों, क्रेशरों पर किया जायेगा, ताकि श्रमिक वर्ग और अन्य संवेदनशील वर्गों तक इस अभियान का लाभ पहुँच सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत अभियान का उद्देश्य टीबी उन्मूलन के प्रयासों को और अधिक गति देना और जन-जागरूकता को बढ़ावा देना है। अभियान के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों और टी.बी. के मरीजों की स्क्रीनिंग, जांच एवं जागरूकता गतिविधियां की जाएगी।
