
मुंबई, 23 मई (वार्ता) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय बोर्ड की बैठक में आज लेखा वर्ष 2024-25 के लिए 2,68,590.07 करोड़ रुपये का अधिशेष केंद्र सरकार को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी।
केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां केंद्रीय निदेशक मंडल की 616वीं बैठक हुई, जिसमें घरेलू और वैश्विक आर्थिक स्थिति की समीक्षा की गई, जिसमें संभावित जोखिमों पर भी चर्चा की गई। महत्वपूर्ण निर्णय के रूप में बोर्ड ने लेखा वर्ष 2024-25 के लिए 2,68,590.07 करोड़ रुपये का अधिशेष केंद्र सरकार को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी।
बैठक का मुख्य फोकस वित्त वर्ष 2024-25 (अप्रैल 2024 – मार्च 2025) के दौरान आरबीआई के कार्यकलापों की समीक्षा और वित्तीय लेखों की स्वीकृति रहा। केंद्रीय बोर्ड ने वर्ष 2024-25 के लिए आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट और वित्तीय विवरणों को स्वीकृति दे दी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संशोधित आर्थिक पूंजी ढांचे (ईसीएफ) के तहत आकस्मिक जोखिम बफर (सीआरबी) को अब बढ़ाकर 7.50 प्रतिशत किया जाएगा, जो पहले 6.50 प्रतिशत था। यह संशोधन केंद्रीय बोर्ड द्वारा 15 मई, 2025 को मंजूर किया गया था।
गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के समय आरबीआई ने आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए 5.50 प्रतिशत का सीआरबी बनाए रखा था, जिसे पिछले दो वर्षों में क्रमशः छह प्रतिशत और 6.50 प्रतिशत तक बढ़ाया गया था।
इस बैठक में उप गवर्नर एम. राजेश्वर राव, टी. रबी शंकर, स्वामीनाथन जे., डॉ. पूनम गुप्ता सहित केंद्रीय बोर्ड के अन्य निदेशक अजय सेठ (सचिव, आर्थिक मामलों के विभाग), नागराजू मद्दिराला (सचिव, वित्तीय सेवाएं), सतीश के. मराठे, रेवती अय्यर, प्रो. सचिन चतुर्वेदी, पंकज रमनभाई पटेल और डॉ. रवींद्र एच. ढोलकिया भी उपस्थित रहे।
