रीवा प्रवास के दौरान मैहर उतरे भागवत, चर्चा का विषय, सतना में क्यों नहीं उतरे?

सतना: रीवा में आयोजित संघ के द्वितीय श्रेणी प्रशिक्षण वर्ग में भाग लेने के लिए विन्ध्य के तीन दिवसीय प्रवास पर पधारे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरूवार को मैहर में उतरकर सतना के लिए कुछ नए सवाल खड़े कर दिए हैं.संघ के विभिन्न दायित्वों के निर्वाह के दौरान श्री भागवत का साल में दो बार सतना प्रवास सुनिश्चित रहा है.पहली बार उनकी यात्रा में सतना के वजाय मैहर को महत्व दिया गया है.सतना में उनका न उतरना कई सवालों को खड़ा कर गया है. गौरतलब है कि रीवा में आयोजित प्रशिक्षण वर्ग में सर संघचालक की उपस्थिति संघ की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

प्रशिक्षण वर्ग के अन्तिम चरण में संघ प्रमुख का बौद्धिक होना अनिवार्य है.यही वजह है कि उन्होने अपने व्यस्ततम् कार्यक्रम के दौरान रीवा आना सुनिश्चित किया.बताया गया है कि संघ प्रमुख श्री भागवत आगामी तीन दिनों तक रीवा में रहेंगे.परम्परा के अनुसार संघ प्रमुख के आगमन और प्रस्थान का कोई अधिकृत कार्यक्रम जारी नहीं किया जाता है.इसके बावजूद बुधवार की शाम से मैहर की सुरक्षा व्यवस्था पर कसावट के संकेत के साथ-साथ इसकी चर्चा भी जोर पकड़ रही थी कि संघ प्रमुख मैहर आ रहे हैं.यह स्पष्ट नहीं था कि कब और कितने बजे उनका आगमन होगा.

गुरूवार को सुबह से मैहर रेलवे स्टेशन की व्यवस्था काफी बदली हुई थी.कई जगहों पर आम यात्रियों के आवगमन पर प्रतिबन्ध लगा हुआ था.करीब-करीब पुलिस छावनी में तब्दील हो चुके रेलवे स्टेशन में यात्रियों से ज्यादा पुलिसकर्मी नजर आ रहे थे.दोपहर 11बजकर 10 मिनट पर करीब 50 मिनट की देरी से पहुंची जनता एक्सप्रेस के वातानुकूलित कोच में सवार श्री भागवत जैसे ही टे्रन से नीचे उतरे वहां तैनात वरिष्ठ प्रशासनिक अमले ने उनका स्वागत किया और बोगी के ठीक सामने पहले से खड़ी बैटरी गाड़ी में उन्हे सवार कर आनन-फानन में स्टेशन से बाहर खड़ी बन्द गाड़ी तक पहुंचा दिया गया.

जहां से वे रीवा के लिए सीधे रवाना हो गए.इस दौरान स्थानीय नेताओं और संघ के पदाधिकारियों की कोई उपस्थिति नजर नहीं आयी.बताया गया है कि उन्हे लेने रीवा से प्रशिक्षण प्रभारी स्वयं अकेले ही आए थे.जो पूरे समय उन्ही के साथ रहे.श्री भागवत के मैहर उतरने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है.मैहर और सतना से लगभग उतना ही समय रीवा जाने में लगता है.इसके अलावा रीवा के डभौरा स्टेशन में भी जनता का स्टापेज है जहां से वे रीवा पहुच सकते थे,लेकिन उन्हे मैहर ही उतारा गया.अपुष्ट सूत्रों ने बताया कि श्री भागवत सुबह प्रयागराज स्टेशन से जनता एक्सप्रेस में सवार हुए थे.इसके पहले प्रयागराज कब पहुंचे इसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी.

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