भोपाल: राजा राममोहन राय की 253वीं जयंती के अवसर पर एआईएसईसी द्वारा दिल्ली समेत देश के प्रमुख 18 शहरों में एक साथ जन शिक्षा नीति 2025 के ड्राफ्ट का लोकार्पण किया गया। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित हिंदी भवन में आयोजित एक विशेष गोष्ठी में इस नीति का विमोचन हुआ।
इस अवसर पर प्रख्यात समाजसेवी महेंद्र सिंह, एआईएसईसी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. रामावतार शर्मा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं वरिष्ठ साहित्यकार सुरेंद्र रघुवंशी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए एआईएसईसी मध्यप्रदेश के राज्य सचिव मुदित भटनागर ने बताया कि 2020 में केंद्र सरकार ने बिना व्यापक विमर्श के नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020) लागू की थी, जिसका एआईएसईसी ने शुरू से ही विरोध किया है। उनका आरोप है कि यह नीति शिक्षा के निजीकरण, व्यापारीकरण, सांप्रदायिकरण और केंद्रीकरण को बढ़ावा देती है।
एआईएसईसी ने पिछले छह महीनों में देश भर के शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और शिक्षा प्रेमियों के साथ मिलकर एक जन शिक्षा नीति 2025 का मसौदा तैयार किया है। इस ड्राफ्ट को सार्वजनिक विमर्श के लिए प्रस्तुत कर सभी तबकों से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। जनवरी 2026 में बेंगलुरु में एक जन संसद का आयोजन कर अंतिम मसौदे को केंद्र और राज्य सरकारों को सौंपा जाएगा। डॉ. रामावतार शर्मा ने सभी शिक्षाविदों, छात्रों और नागरिकों से इस नीति को ध्यानपूर्वक पढ़ने और अपने सुझाव देकर इसे और भी जनोन्मुखी व प्रभावी बनाने की अपील की है।
