तेंदुए का खौफ क्षेत्र में बरकरार, धरातल पर नहीं है कोई इंतजाम

शुजालपुर। वन्य विहिन क्षेत्र होने के कारण जिले में खुखार जानवरों का कभी कोई भय नहीं रहा, लेकिन पिछले तीन चार दिनों से तेंदुए का विचरण क्षेत्र में हो रहा है, जिसकी पुष्टि भी वन विभाग ने की है, लेकिन वन अमला इस वन्य जीव की निगरानी ही कर सकता है, वह भी ग्रामीणों व नागरिकों की सूचना के आधार पर.

क्षेत्र में इस तरह के जीव नहीं होने के कारण विभाग में संसाधनों का भी अभाव है. ऐसे में बिना संसाधन और वन्य जीवों का पकडऩे का प्रशिक्षण के आभाव में क्षेत्रीय वन अमला कुछ भी कार्यवाही नहीं कर पा रहा है. मिली जानकारी अनुसार शाजापुर जिले में सबसे पहले तेंदुए की दस्तक सीहोर जिले से सटे हुए ढाबलाधीर में होने की सूचना आई, जहां के संबंध में बताया गया कि यह अव्यस्क तेंदुआ है, इसके बाद शुजालपुर से लगभग 7 किलोमीटर दूर बामनघाट के समीप रिछोदा गांव की सीमा में तेंदुआ घुमते हुए देखा गया और उसका वीडियों भी सामने आया. वहीं जिले के बिरगोद गांव में भी तेंदुए की मूवमेंट की खबर आई और जिसकी भी पुष्टि वन विभाग ने करते हुए यहां पर पिंजरा लगाया गया. शुजालपुर के चितोडा क्षेत्र में तेंदुआ नजर आया, जहां पर भी वन विभाग की टीम ने सर्चिग की और घटनाक्रम से वरिष्ठों को अवगत कराया. वन विभाग अधिकारियों का कहना है कि उनकी और से विद्युत विभाग को दिन में किसानों को बिजली देने के लिए पत्र व्यवहार किया है, लेकिन यह समस्या का हल नहीं है. तेंदुए की मुवमेंट अलग-अलग स्थानों पर दिखाई दे रही है, ऐसे में हर गांव में दिन में बिजली देना भी संभव नहीं है, उधर ग्रामीणों व किसानों का भी भय स्वभाविक है क्योकि तेंदुए की प्रवृत्ति हिंसक होती है और खेतों में विचरण की खबर भी आ ही है, ऐसे में भय होता ही है. शुजालपुर सिटी सहित चितोडा, खेडा रिछोदा, झिरन्या, महुघाट, नांदासुरा सहित अन्य कुछ गांव है जो कि नेवज नदी से लगे हुए है, यहां के किसानों का कहना है कि जंगलों में फसले खडी हुई है और सिंचाई के साथ अन्य कार्य भी होते है, जिसके चलते जंगलों में कई किसानों का दिनभर बितता है, उधर रात में भी आवश्यकता होने पर खेतों में जाना रहता है. वन विभाग को इस तरह के हिंसक जीवों को पकडक़र सुरक्षित स्थान पर छोडना चाहिए,

 

इनका कहना है

शाजापुर व शुजालपुर रेंज में दो तेंदुए घुमते हुए दिखाई देने की जानकारी मिली है, शाजापुर रेंज की बिरगोद में पिंजरा लगाया गया है, तेंदुए की मुवमेंट देख रहे है और लोगों को सजग कर रहे है, बिजली दिन में दिए जाने की बात कही गई है और रातों में किसानों से खेतों में नहीं जाने की अपील की जा रही है, तेंदुए को ट्रेकूलाइज तो नहीं करेगे लेकिन जरूरत पड़ी तो पिंजरे में पकडने का प्रयास किया जाएगा, इसके लिए उज्जैन से टीम बुलाई जाएगी.

-हेमलता शाह डीएफओ, शाजापुर

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