इंदौर:शहर में तारों का मकड़ जाल इतना फैल चुका है कि कभी भी इससे बड़ा हादसा हो सकता है. इधर,शहर में बड़ी घटना होते-होते बच गई. मामला वार्ड क्रमांक 39 का है जो कि खजराना क्षेत्र से जुड़ा है. खजराना बायपास पर ब्रिज का कार्य चल रहा है जिसके चलते यातायात को आरआई-2 पर डायवर्ट किया गया लेकिन आगे खजराना की दाउदी कॉलोनी पड़ती है जहां मात्र बीस फीट रास्ता है. वह भी पूरी तरह से कच्चा है.
शुरूआत में कहा गया था कि कॉलोनी के रास्ते से छोटे वाहन गुजरेंगे लेकिन ऐसा न करते हुए प्रशासन द्वारा इस सकरे मार्ग से बसें, ट्रक व डम्पर जैसे भारी वाहन निकल रहे हैं. बीते दो दिन हुए यहां से गुज़र रहा नगर निगम का डम्पर तारों के मकड़ जाल में ऐसा उलझा कि एक साथ कई बिजली के खंबे गिर गए. सैकड़ों तार सड़क पर बिखर गए. इससे क्षेत्र की बिजली भी चली गई. भारी वाहनों और बढ़ते यातायात से जहां कॉलोनी के रहवासी अपने और अपने पारिवार के लिए चिंतित थे अब इस घटना से लोगों में और दहशत फैल गई है.
इनका कहना है
जबसे कॉलोनी के छोटे से रास्ते से ट्रक, डम्पर निकलना शुरू हुए हैं लोगों को जीना दुभर हो चला है. हर रोज तार टूट रहे हैं. रोज़ पैसा खर्च करो. तारो का मकड़ जाल भी फैला हुआ है.
फारूक हुसैन
अब एक पल के लिए भी कॉलोनी का रास्ता साफ नहीं दिखाई देता. पल-पल बड़े वाहन निकल रहे हंै. जाम लग रहा है. टूटे तार अब तक सड़क पर फैले हैं जिससे बड़ी घटना हो सकती है.
अफशा खान
आगे लिखा गया है भारी वाहन प्रवेश निषेध, फिर भी बड़े वाहन निकल रहे हैं. जब से डायवर्शन हुआ है वाहन बिजली तार तोड़ रहे है. वर्तमान में बरसात भी हो रही है जिससे करंट फैल सकता है.
सैयद लुकमान हुसैन
यहां रास्ता बायपास डायवर्शन के लिए नहीं है. यहां छोटे बच्चे भी निकलते हैं और स्कूल जाते हैं. महिलाएं आती-जाती हैं. दुर्घटना हो सकती है. अब तो तार टूट रहे बच्चों को मालूम नहीं होता इसमें करंट है.
सैयद आरिफ हुसैन
महापौर से मिलकर निराकरण करवाउंगी
यहां मामला आरआई-2 प्रशासन ने किया है जो कि बिलकुल भी उचित नहीं है. घनी बस्ती है, ऊपर से छोटी सी सड़क है. दो दिन पूर्व घटना की ख़बर मिलते ही मैंने ही लाईट चालू करवाई. इस डायवर्शन के लिए मैं खुद महापौर से मिलकर इसका निराकरण करवाउंगी.
रूबिना खान, पार्षद
