हमीदिया अस्पताल का अधूरा मुख्य द्वार; मरीजों और परिजनों के लिए बना मुसीबत

भोपाल। हमीदिया अस्पताल के मुख्य द्वार का निर्माण कार्य, जो कई महीने पहले शुरू हुआ था, अब तक अधूरा पड़ा है। यह अधूरा निर्माण न केवल अस्पताल की सुंदरता को प्रभावित कर रहा है, बल्कि मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल के कर्मचारियों के लिए भी गंभीर असुविधाओं का कारण बन रहा है।

मुख्य द्वार, जो किसी भी संस्थान का प्रवेश बिंदु और पहचान होता है, वर्तमान में ईंटों, सीमेंट और अधूरे ढांचे के बीच अपनी बदहाल स्थिति प्रदर्शित कर रहा है। इस अधूरे निर्माण के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को धूल-मिट्टी, असुविधा और दुर्घटनाओं का खतरा झेलना पड़ रहा है। बुजुर्गों, बच्चों और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से कष्टदायक हो गई है।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, बीते चार महीनों में अस्पताल की डीन डॉ. कविता सिंह को इस समस्या के बारे में कई बार लिखित आवेदन दिए गए हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है। डीन का कहना है कि कार्य जल्द ही पूरा होगा, लेकिन निर्माण कार्य अब तक रुका हुआ है और इसे फिर से शुरू करने का कोई संकेत नहीं मिल रहा। इस अधूरे द्वार के कारण अस्पताल परिसर में प्रवेश और निकास के लिए मरीजों और उनके परिजनों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे समय और ऊर्जा की बर्बादी हो रही है। प्रशासन की उदासीनता से परेशान लोगों ने जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की है।

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