भोपाल। बाणगंगा हादसे के बाद परिवहन विभाग अब नई नीति शुरू करने जा रहा है,दरअसल बाणगंगा चौराहे पर दुर्घटना को अंजाम देने वाली बस का फिटनेस नहीं था. अब ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए बस के पपेरों की निगरानी केंद्रीकृत सिस्टम से होगी। राजधानी के परिवहन आयुक्त कैम्प के कार्यलय में एक कण्ट्रोल रूम बनाया जा रहा है, जिसमे पूरे प्रदेश भर की बसों से सभी दस्तावेज़ जैसे फिटनेस,परमिट,पीयूसी, और (वीएलटीडी) पर निगरानी रखी जाएगी। परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने बताया इसकी जिम्मेदारी एआरटीओ स्तर के अधिकारी को दी गई है। हर जिले से रजिस्टर्ड बसों की जानकारी मंगाई जा रही है। इसमें रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस, पीयूसी की वैधता और वीएलटीडी की स्थिति शामिल है। सारा डेटा कंप्यूटर में फीड कर एक एनालिटिकल सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा। तीन चरणों में शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट के पहले चरण की मॉनिटरिंग इसी महीने के अंत तक शुरू हो जाएगी।
नए बनने वाले सॉफ्टवेयर में ऐसा अलर्ट सिस्टम होगा, जो किसी भी दस्तावेज की वैधता खत्म होने से 7 दिन पहले स्क्रीन पर जानकारी ब्लिंक करेगा। मसलन, अगर किसी बस का परमिट 15 तारीख को खत्म हो रहा है, तो 8 तारीख से ही कंट्रोल रूम में अलर्ट आने लगेगा।
किरण शर्मा ,डिप्टी टीसी
तीन चरणों में लागू किया जाएगा यह सिस्टम
पहला चरण- 26 हजार शैक्षणिक बसें
दूसरा चरण- 20 हजार यात्री बसें
तीसरा चरण-11 हजार औद्योगिक संस्थानों की बसें।
