सतना:जिले के राजस्व अमले का जमीनी कारीदों की कार्यगुजारी से जिले की जनता भली भांति परिचित है.राजनैतिक संरक्षण में लाखों में खेल रहे इस जमीनी जनसेवक की हैसियत यह हो गई कि वे वरिष्ठ अधिकारियों के गम्भीर से गम्भीर आदेशों को भी कोई खास तब्जो नहीं देते है.इसका उदाहरण मंगलवार को देखने को मिला.जब कलेक्टर की बेरूखी को बर्दाश्त नहीं कर पाए मझगवां अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी ने एक ही दिन तीन पटवारियों को उनकी स्वेच्छाचारित के कारण निलम्बित कर दिया.
प्रशासनीक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लम्बित मामलों के प्रकरणों की सुनवाई के दौरान कलेक्टर डां सतीश एस ने मझगवां एसडीएम ए पी द्विवेदी को विधवा के आवेदन पर कार्यवाही नहीं हो पाने के लिए खासी खिचाई का सामना करना पड़ा.बाद में श्री द्विवेदी ने दोपहर में ही कार्यवाही करते हुए सबसे पहले तेलनी के पटवारी दुर्गेश शुक्ला को निलम्बित कर दिया.
जारी निलम्बन आदेश में स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया गया है कि आवेदिक सुमित्रा देवी गर्ग पत्नीश्रवण कुमार गर्ग के नाम की फाट-पुल्ली नहीं उपलब्ध नहीं कराई गई.कुछ देर बाद एक आदेश और जारी किया गया जिसमें खुटहा हल्का पटवारी स्मिता मिश्रा को भी इसी मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में निलम्बि कर दिया गया.शाम को एक अन्य आदेश जारी कर नरदहा हल्का के पटवारी का भी निलम्ब आदेश जारी कर दिया गया.तीन पटवारियों के ऊपर वरिष्ट अधिकारियों की गिरी गाज से जिले भर में हडकम्प मच गया है.लम्बे समय से मलाईदार हल्कों में कब्जा जमाए बैठे पटवारी अपने आकाओं की नब्ज टटोलने लगे है.कलेक्टर के सख्त रूख के कारण ज्यादातर प्रभावी लोग भयभीत नजर आ रहे है.
गगा जल अभियान में लापरवाही
नरदहा पटवारी प्रशांत सोनी को बरौधा नायाब तहसीलदार के प्रतिवेदन पर निलम्बित किया गया है.जारी आदेश में बताया गया है कि पटवारी श्री सोनी जल गंगा सर्वधन अभियान में चाहे गए प्रपत्र पर जानकारी उपलब्ध कराने के प्रति गम्भीर नहीं है.इन परिस्थितियों में उनके निलम्बन प्रस्ताव पर एसडीएम श्री द्विवेदी ने अन्तिम निर्णय लेते हुए निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय आर आई कार्यालय मझगवां कर दियाहै.
