इंदौर: टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशनॉ इंदौर एवं इंदौर सीए शाखा के संयुक्त तत्वावधान में सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें एसेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म्स (आईटीआर) एवं टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (फॉर्म 3सीडी) में किए गए महत्वपूर्ण संशोधनों पर विस्तृत चर्चा की गई.कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सीए दीपक माहेश्वरी द्वारा आयकर रिटर्न में हुए विभिन्न तकनीकी और कानूनी संशोधनों को अत्यंत व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझाया तथा बताया कि आयकर विभाग द्वारा इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म्स में की गई नवीनतम प्रविष्टियों के पीछे की मंशा पारदर्शिता को बढ़ाना और डेटा के समुचित मिलान को सुनिश्चित करना है.
उन्होंने बताया कि इस वर्ष से रिटर्न में एमएसएमई से सम्बंधित समय पर भुगतान से जुड़ी धारा 43बी(एच) की रिपोर्टिंग करना आवश्यक होगी. इसी प्रकार कैपिटल गेन शेड्यूल में 22 जुलाई 2024 के पहले एवं इसके बाद हुए विक्रय की डिटेल का अलग अलग दर्शानी होगी. सीए माहेश्वरी ने बताया कि पहले 50 लाख से ज़्यादा की रिटर्न इनकम दर्शाने पर रिटर्न में एसेट लायबिलिटी का शेड्यूल दाखिल करना होता था अब नए नियमों के अनुसार 1 करोड़ से ज़्यादा की रिटर्न इनकम होने पर ही एसेट लायबिलिटी का शेड्यूल दाखिल करने का दायित्व होगा.
सेमिनार का संचालन कर रहे टीपीए के मानद सचिव सीए डॉ अभय शर्मा ने बताया कि इस वर्ष समय से विभाग द्वारा रिटर्न फॉर्म जारी कर दिये हैं जो कि स्वागतयोग्य है. इससे समय पर टैक्स कंप्लायंस एवं विभाग की और से टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन संभव हो सकेगा. उन्होंने कहा कि अब विभाग रिटर्न प्रोसेसिंग में एआई की सहायता भी ले रहा है इसलिए रिटर्न प्रिपेरेशन एवं सब्मिशन में पूर्ण सावधानी रखने की आवश्यकता है
