भोपाल। रविन्द्र भवन में तीन दिवसीय शिल्प ग्राम महोत्सव का समापन हुआ. इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल शामिल हुए. अपने संबोधन में उन्होंने कहा है कि जनजातीय द्वारा सदियों से संरक्षित खान-पान, लोक कलाएं, शिल्प, वस्त्र, आभूषण, उपकरण और चिकित्सा पद्धतियां सभी हमारी अनमोल धरोहर है. हमारी इस लोक संस्कृति का संरक्षण और प्रोत्साहन समाज का दायित्व है. उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय की सतत आजीविका के लिए प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित मौलिक, स्वाभाविक, कला, शिल्प और संस्कृति की सृजनशीलता को निखार कर व्यवसायिक बनाने के प्रयासों की सराहना की है. रवीन्द्र भवन में आयोजित महोत्सव का जनजातीय कार्य विभाग द्वारा वन्या प्रकाशन, राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान और ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट के समन्वय से किया गया. राज्यपाल पटेल ने इस मौके पर उपस्थित कलाकारों से चर्चा करते हुए सम्मानित भी किया.
शिल्प ग्राम महोत्सव का समापन, जनजातीय धरोहर के संरक्षण पर जोर
