
जबलपुर। प्रदेश में शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में 87 हजार 579 प्रकरणों का आपसी समझौते से निराकरण हुआ। नेशनल लोक अदालत में 58576 प्री-लिटिगेशन तथा 29003 लंबित मामलों का समाधान सम्मिलित है। नेशनल लोक अदालत में लगभग 413 करोड़ रूपये की अवार्ड राशि पारित की गयी। नेशनल लोक अदालत का वर्चुअल उद्घाटन हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत के द्वारा किया गया।
मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप मित्तल से प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत के तहत जबलपुर स्थित हाईकोर्ट की मुख्य पीठ सहित इंदौर व ग्वालियर खंडपीठ में 6 खंडपीठ का गठन किया गया था। इसके अलावा प्रदेश में स्थित जिला न्यायालयों में सुनवाई के लिए 1447 पीठों का गठन किया गया था। नेशनल लोक अदालत में 335204 मामले रखे गये थे। जिसमें से 87 हजार 579 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 413 करोड़ रूपये की अवार्ड राशि पारित की गयी।
नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में उच्च न्यायालय, जिला एवं तहसील विधिक सेवा समितियों के पदाधिकारियों, अधिवक्ता, नगरीय निकाय, विद्युत कंपनियों, बैंक तथा पीएलवी की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
निष्पक्ष, सरलता व आपसी समझ से समझाने का प्रतीक: सीजे कैत
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने वर्चुअल उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा है कि यह अवसर न्याय तक सुलभ, समयबद्ध और सार्थक पहुंच के प्रति हमारी प्रतिबध्दता को पुनः सुदृढ करना है। लोक अदालत निष्पक्षता, सरलता एवं आपसी समझ से समाधान का जैसे सिद्धांतों का प्रतीक है। यह कम लागत, सहयोगपूर्ण एवं समय-संवेदनशील विवाद समाधान की विधि है, जो केवल प्रलंबित मामलों की संख्या नहीं घटाती बल्कि शांति व संतोष की भावना भी लौटाती है। इसके लिए उन्होंने अधिवक्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उद्घाटन समारोह को जस्टिस आनंद पाठक तथा जस्टिस विवेक अग्रवाल ने भी सम्बोधित किया।
