जबलपुर: करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले अमित खम्परिया को पुलिस रिमांड के दौरान नागपुर ले गई है जहां उसने फरारी काटी वहां पुलिस उसे ले जाने के बाद ठिकानें की सर्चिंग करने की तैयारी में है। दरअसल पीडि़तों को डराने, धमकाने में इस्तेमाल किए गए फायर आर्म्स की अब तक बरामदगी नहीं हो पाई है। साथ ही धोखाधड़ी से जुड़े कुछ दस्तावेज भी बरामद किए जाना बाकी है।
विदित हो कि अमित पर अवैध उत्खनन, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत कुल 17 अपराध दर्ज है। संजीवनी नगर एवं मदनमहल थाने में दर्ज अपराध में वह लंबे समय से फरार था जिसे नागपुर से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद टीम ने उसे 15 जनवरी तक की रिमांड पर लिया था। इसके बाद सन 2024 में संजीवनी नगर थाने में दर्ज अपराध में भी उसकी गिरफ्तारी हुई थी।
सचिन गुप्ता निवासी संजीवनी नगर की रिपोर्ट पर अमित खम्परिया, अमित द्विवेदी, अभिषेक बैरागी, श्रीकांत समेत अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। आरोपियों द्वारा टोल प्लाजा का संचालन करने और अधिक मुनाफे का लालच देकर षडयंत्र रचते हुए 1, 21, 45, 296 रूपए हड़पे गए थे। साथ ही बंदूकधारियों के साथ पीडित को बंधक बनाकर धमकाया था। अब पुलिस को बंदूकों और धोखाधड़ी से जुड़े दस्तावेजों को जब्त करने प्रयास कर रही है लेकिन पुलिस के हाथ आर्म्स नहीं लग पा रहे है। जिसके पीछे की वजह अमित का गुमराह करना है वह अपने बयान बार बार बदल रहा है।
