मुंबई,(वार्ता) एक्सप्रेस ट्रांसपोर्टेशन कंपनी फेडरल एक्सप्रेस कॉर्पोरेशन (फेडएक्स) ने भारत में लगातार चौथे वर्ष ‘सक्षम’ पहल के माध्यम से समावेशी उद्यमिता को बढ़ावा देने का कार्य जारी रखा है।
कंपनी ने आज यहां कहा कि इस वर्ष, सक्षम ने 270 से अधिक महिला उद्यमियों और एलजीबीटीक्यूआईए प्लस समुदाय के लगभग 160 सदस्यों को सशक्त बनाया है। इन उद्यमियों को व्यावसायिक संसाधनों और मार्गदर्शन से युक्त ‘सक्षम किट’ प्रदान की गई, साथ ही उद्योग-विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। इस पहल के तहत टिफिन सेवा, सिलाई, हस्तशिल्प, खाद्य सेवा और सौंदर्य क्षेत्र के लघु व्यवसायियों को उनके कारोबार को आगे बढ़ाने और सफल होने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
फेडएक्स इंडिया ऑपरेशंस के उपाध्यक्ष सुवेंदु चौधरी ने कहा, “ ग्लोबल आंत्रेप्रेन्योरशिप मॉनिटर के अनुसार, यदि महिलाओं को पुरुषों के समान दर पर व्यवसाय शुरू करने और उसे बढ़ाने में मदद मिले, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था में 5 से 6 लाख करोड़ डॉलर का योगदान किया जा सकता है। भारत में महिला-स्वामित्व वाले 2.2 करोड़ एमएसएमई मौजूद हैं, जिनमें अपार संभावनाएँ हैं, लेकिन पूंजी, व्यावसायिक ज्ञान और बाजार तक पहुँच जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। यूनाइटेड वे के सहयोग से, फेडएक्स का लक्ष्य ‘सक्षम’ के माध्यम से इस अंतर को कम करना है, ताकि महिला उद्यमी मजबूत व्यवसाय स्थापित कर सकें और आर्थिक विकास में अपना योगदान दे सकें।”
यूनाइटेड वे मुंबई के सहयोग से वर्ष 2021 में अपनी शुरुआत के बाद से ‘सक्षम’ ने महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की है। अकेले 2024 में 38 प्रतिशत लाभार्थी औसतन 61,176 रुपये सालाना की कमाई कर रहे हैं, जिनके पास पहले कोई आमदनी नहीं थी। इसके अलावा, 15,000 रुपये सालाना से कम कमाई करने वालों में से 19 प्रतिशत लोगों की औसत कमाई बढ़कर 66,782 रुपये हो गई है। ये आँकड़े इस कार्यक्रम से होने वाले प्रत्यक्ष आर्थिक उन्नयन का प्रमाण हैं।
