ग्वालियर: श्री सनातन धर्म मंदिर में पावन निर्जला एकादशी का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर में भगवान श्री चक्रधर का मधुर एवं शीतल श्रृंगार किया गया तथा उन्हें सूती वस्त्रों की विशेष पोशाक धारण कराई गई। चौड़ी लाल किनारी की पगड़ी, मोरपंख,कलंगी, पीली सूती धोती, उपर्णा, सुनहरी गोटे का लाल मखमली अंग वस्त्र, मोंगरा गुलाब कमल पुष्प माला में भगवान चक्रधर अत्यंत मनमोहक लग रहे थे। भगवान चक्रधर के जगमोहन में भगवान बाल कृष्ण को नौका विहार कराया गया। दर्शन के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में आए। मंदिर परिसर भक्तों की उपस्थिति एवं जयकारों से गुंजायमान रहा।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित रमाकांत शास्त्री ने श्रद्धालुओं को एकादशी व्रत की महिमा एवं कथा का विस्तारपूर्वक श्रवण कराया। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और भक्तों ने निर्जल रहकर व्रत का पालन किया। इस अवसर पर भगवान को शीतल फल जैसे आम, खरबूजा, तरबूज, ककड़ी, सत्तू एवं सुराही अर्पित कर पुण्य लाभ प्राप्त किया गया।
पूरे दिन मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन एवं धार्मिक आयोजन होते रहे, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा। महिला भक्तों ने रात्रि जागरण कर भक्ति रस में डूबकर प्रभु का स्मरण किया।दिनभर भक्तों ने भाव विभोर होकर भजन कीर्तन किया एवं रात भर भजन कीर्तन कर रात्रि जागरण भी किया।
