HC ने जज के खिलाफ दिए जांच के आदेश, तीन माह में मांगी रिपोर्ट

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने मुआवजे के एक प्रकरण में त्रुटिपूर्ण आदेश देने वाले देवसर जिला सिंगरौली के चतुर्थ जिला जज दिनेश कुमार शर्मा के कार्य की जांच करने के निर्देश जिला जज (निरीक्षण) को दिये हैं। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में जिला जज दिनेश शर्मा जहां भी पदस्थ रहे हैं, वहां की उनकी फाइलों की जांच कर, तीन माह में रिपोर्ट पेश करे।

मामला सिंगरौली निवासी मंगल शरण की ओर से दायर किया गया है। जिनकी ओर से अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा ने पक्ष रखा। जिन्होंने दलील दी याचिकाकर्ता ने देवसर की अदालत में भूमि अधिग्रहण के बदले मुआवजे के लिए आवेदन पेश किया था। जिला जज दिनेश शर्मा ने यह कहते हुए आवेदन निरस्त कर दिया कि इस मामले में कलेक्टर ने रेफरेंस नहीं भेजा है। नियम के अनुसार दावेदार को पहले कलेक्टर को आवेदन देना होता है। कलेक्टर तीस दिन के भीतर आवेदन पर विचार कर संबंधित अधिकृत अधिकारी को रिफरेंस भेजता है। याचिकाकर्ता ने कलेक्टर को आवेदन दिया था, जब कार्रवाई नहीं हुई तो उसने न्यायालय में मामला दायर किया। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि जिला जज ने प्रावधानों को ठीक से पढ़ा होता तो वे आवेदन निरस्त नहीं करते। हाईकोर्ट ने जिला जज के फैसले को त्रुटिपूर्ण बताते हुए मामला वापस उनकी कोर्ट में भेजा और 30 दिन के भीतर याचिकाकर्ता के आवेदन पर निर्णय लेने कहा। इसके साथ ही उक्त निर्देश दिये।

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