
छिंदवाड़ा। लोकायुक्त पुलिस ने मोहखेड़ के आजीविका मिशन के अधिकारी को बैंक सखी से दस हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो धर दबोचा है। लोकायुक्त ने रिश्वत के नोट जब्त कर लिए है। वही हाथ धुलाने पर पानी गुलाबी हो गया। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार उनमूलन अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।
बता दें कि स्वा सहायकता समूह बैंक सखी है। जो शासकीय योजनाओं के तहत कार्य करती है। इसके एवज इन महिलाओं को अनुदान मिलता है। इसी अनुदान को निकालने के एवज में अधिकारी महिलाओं से रिश्वत मांगता था। कभी कभी तो काम करने के बाद भी सखियों से कहता था कि इस बार आप लोगों ने कोई काम नहीं किया है। पूरा का पूरा पैसा डकार जाता था। अधिकारी राजीव चौधरी से परेशान होकर आखिरकार आवेदिका सोनिया हनोत ने लोकायुक्त का सहारा लिया। लोकायुक्त ने जाल बिछाया। शुक्रवार को अधिकारी मानदेय राशि जारी करने के एवज में दस हजार रूपए की रिश्वत मांगी। आवेदिका ने दस हजार रूपए देने अपने घर बुलाया। अधिकारी आवेदिका के घर पहुंच गया। जैसे ही आवेदिका ने अधिकारी के हाथ में 10 हजार की रिश्वत रखी। इधर पहले से तैयार लोकायुक्त टीम ने अधिकारी को रंगे हाथों दबोच लिया। उसके पास केमिकल लगे पैसे जब्त कर लिया। लोकायुक्त ने अधिकारी पर भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। रिश्वत के मामले में पकड़ाए अधिकारी को लोकायुक्त टीम उमरानाला रेस्टहाउस ले गई। इधर अजीविका मिशन के सभी स्टाफ कार्यालय से गायब हो गया। पूरा कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। काम कराने आने वाले लोग खाली कार्यालय को देखते हुए वापस लौट गए।
