जबलपुर:जबलपुर के बरगी और रामपुरा खुर्द बांधों में फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाने की कवायद तेज हो गई है। राज्य सरकार ने बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए इन बांधों का चयन किया है, और जल्द ही सर्वे शुरू होगा। नर्मदा हाईड्रोइलेक्ट्रिक पॉवर कार्पोरेशन को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है, जो टाटा कंसल्टेंसी की मदद से जल स्तर और क्षमता का आकलन करेगी।
बरगी बांध में 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फ्लोटिंग सोलर प्लांट प्रस्तावित है, जिससे 105 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता होगी। पहले एशियाई विकास बैंक ने यहां सोलर प्लांट की परियोजना पेश की थी, लेकिन तकनीकी कारणों से आगे नहीं बढ़ सकी थी।
इन बिंदुओं पर होगा सर्वे
–सामान्य दिनों में और बारिश के समय जल कितना भंडारित होता है।
–बांध के वर्तमान स्टोरेज की क्षमता।
–20 वर्ष के हिसाब से प्रतिदिन का वाटर लेवल।
बरगी बांध का विवरण कुछ इस प्रकार है
जानकारी के अनुसार बरगी बांध का कैचमेंट एरिया 14556 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है जिसका सरफेस एरिया 267.97 किलोमीटर है। बांध की करीब 75 किलोमीटर तक की लंबाई और 4.5 किलोमीटर की चौड़ाई है। पूरे बरगी बांध से करीब 105 मेगावाट बिजली संयंत्र की क्षमता है। वहीं बरगी बांध में 100 वर्ग किलोमीटर में फ्लोटिंग सोलर पैनल का प्रस्ताव भी आ चुका है।
एशियाई विकास बैंक ने पेश की थी परियोजना
विदित हो कि कुछ साल पहले एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने ओंकारेश्वर की तर्ज पर बरगी बांध में फ्लोटिंग सोलर प्लांट की परियोजना पेश की थी । इस दौरान एडीबी ने बरगी बांध का दौरा भी किया था लेकिन तकनीकी कारणों से ये कार्ययोजना आगे नहीं बढ़ सकी थी। एडीबी के अनुसार बरगी बांध में फ्लोटिंग सोलर प्लांट से हाईड्रिल संयंत्र के मुकाबले 4 गुना अधिक बिजली का उत्पादन हो सकता था। जानकारी के अनुसार बरगी डेम का कैचमेंट एरिया जबलपुर, मंडला और सिवनी जिले में आता है। वहंी जानकारों ने भी बड़ा जलाशय होने के कारण बरगी में फ्लोटिंग सोलर प्लांट की स्थापला को पर्यावरण के लिहाज से बेहतर बताया है।
