इंदौर: आज शहर का एक भी मुख्य मार्ग, सड़क, गली नहीं बची है जहां तारों का मकड़जाल नहीं फैला हुआ है. जहां नज़र जाए वहीं शहर की सुंदरता को धब्बा लगाते हुए यह केबल दिखाई देती है. इनकी तादाद अब इतनी बढ़ चुकी है कि केबलों के बोझ से थोड़ी सी बारसात और तेज़ हवा से यहां सड़कों पर खंभे पूरी तरह से गिर रहे है. हालांकि इन घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है परंतु यह गंभीर बात है. केबलों में लिपटे, सड़कों पर गिरे यह विद्युत पोल देख कर यह तो साफ हो गया है कि इन खंभों पर ज़रूरत से ज़्यादा वजन पड़ रहा है, वही शहर में लगे सैकड़ों विद्युत पोल की गुणवत्ता पर भी सवाल उठते हैं.
इनका कहना है
कुछ समय पहले राजवाड़ा क्षेत्र में केबल में आग लगी थी. पास में पुराना मकान था. गनीमत थी कोई आप्रिय घटना नहीं घटी. शहर में तंग गलियां है वहां भी तारों का जाल है जिससे हादसों का संदेह बना रहता है.
– गणेश सुवाल
इन विद्युत पोलों पर भार ही इतना हो चुका है कि इनका यूं गिर जाना स्वभाविक है. चिंता की बात तो यह है कि यह खंबे इतने कमज़ोर कैसे बन गए जो थोड़ी बरसात और हवा में गिर गए.
– सलीम पटेल
स्मार्ट सिटी के लिए शासन हर मुमकिन कोशिश कर रहा है. वहीं इन तारों के जालों ने खूबसूरती ख़त्म कर दी है. इसे भूमिगत करना चाहिए जिससे किसी तरह का नुकसान न हो लेकिन इसकी पहल पता नहीं कब होगी.
– रमन बोरासी
