अस्पताल में था एंटी स्नैक इंजेक्शन, डॉक्टर ने नहीं लगाया

सुसनेर।सिविल अस्पताल में सर्पदंश से पीड़ित 13 वर्षीय संयम जैन की मौत के मामले की स्वास्थ्य विभाग के दल ने जांच की. जिसमें प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया है कि इलाज करने वाले डॉ. सुयश भारद्वाज बच्चे की मौत के जिम्मेदार हैं. जांच में यह भी पाया गया कि अस्पताल में एंटी स्नैक इंजेक्शन मौजूद था, लेकिन वह बच्चे को लगाया नहीं गया. इसी कारण बच्चे की मौत हो गई. हालांकि इस मामले में अभी तक डॉ. भारद्वाज पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है. बस उन्हें सिविल अस्पताल से हटाकर जिला अस्पताल भेज दिया गया है.

बता दें 4 मई की रात्रि में जब सर्पदंश से पीड़ित बच्चे को लाया गया, तो इंजेक्शन नहीं मिला था. बच्चे को रैफर करने के बाद इमरजेंसी वार्ड के प्रभारी को वीडियो कॉल किया, तो 1 मिनट में वह इंजेक्शन मिल गया. बच्चा जब अस्पताल में था, तभी वीडियो कॉल कर लेते, तो शायद बच्चे की जान बच सकती थी, किंतु लापरवाह कर्मचारियों ने ऐसा नहीं किया. इसके अतिरिक्त जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जब बच्चे को उपचार के लिए लाया गया, उस समय ड्यूटी पर पुरुष नर्सिंग ऑफिसर उपस्थित नहीं थे. जिन्हें सीबीएमओ के द्वारा 5 मई को पत्र क्रमांक 687 से 690 भेजकर उनसे जवाब मांगा गया था. मामले में लापरवाही करने वाले डॉक्टर को तो हटा दिया गया, लेकिन ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों पर कोई कारवाई क्यों नहीं की गई है. नए नियुक्त किए गए बीएमओ डॉ. ब्रजभूषण पाटीदार ने प्रभार भी ग्रहण कर लिया है.

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