नयी दिल्ली, 06 मई (वार्ता) राष्ट्रीय राजधानी के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) की चित्रदीर्घा दर्शनम्-2 में लगी फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘टाइमलेस मोमेंट: द आर्टिस्ट्री ऑफ आईकॉनिक फ्रेम्स’ देश के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास की भावनात्मक झलक प्रस्तुत कर रही है।
यह प्रदर्शनी प्रख्यात फोटो जर्नलिस्ट रोशन लाल चोपड़ा के छायाचित्रों पर आधारित है, जिसमें 98 दुलर्भ छायात्रा चित्र प्रदर्शित किये गये हैं। प्रदर्शनी में प्रमुख छायाचित्रों में बरसात में राजपथ पर ड्यूटी करते पुलिसकर्मी, वर्ष 1965 में प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की सभा का विहंगम दृश्य, छायाचित्र में जामा मस्जिद और उसके आसपास के इलाके दिखाई दे रहे हैं, चांदनी चौक का चाटवाला, विजय चौक का डांसिंग ट्रैफिक पुलिसकर्मी, 1971 भारत-पाक युद्ध के समय वाघा बॉर्डर के छायाचित्र, लोकनायक जयप्रकाश के समक्ष आत्मसमर्पण करते दस्यु, राष्ट्रपति ज़ाकिर हुसैन और डॉ. कर्ण सिंह की बातचीत, स्वर्ण मंदिर, रिक्शाचालक, आम जनजीवन के दृश्य शामिल हैं।
आईजीएनसीए की ओर से मंगलवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस प्रदर्शनी का उद्घाटन आईजीएनसीए के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने की। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार एवम पूर्व राज्यसभा सांसद एच.के. दुआ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रदर्शनी के क्यूरेटर दिवंगत रोशन लाल चोपड़ा के पुत्र रवि चोपड़ा और डॉ. शोभना राधाकृष्ण हैं।
श्री रवि चोपड़ा ने कहा, यह प्रदर्शनी 1961 से 1992 के बीच उनके पिता द्वारा खींचे गए ब्लैक एंड व्हाइट फोटोग्राफ के माध्यम से भारतीय समाज के विविध पक्षों को अभिव्यक्त करती है। इनमें ऐतिहासिक क्षणों के साथ-साथ जनजीवन, मानवीय संवेदनाएं और तत्कालीन सामाजिक परिवेश को अत्यंत संवेदनशीलता से कैद किया गया है।
उल्लेखनीय है कि छायाकार रोशन लाल चोपड़ा ने 1961 से 1992 तक द इंडियन एक्सप्रेस में बतौर फोटो संपादक के रूप में अपनी सेवा दी थी। उनके फोटोग्राफ न केवल ऐतिहासिक दस्तावेज हैं, बल्कि उनमें उस युग की संवेदनाओं और सामाजिक घटनाओं की कलात्मक अभिव्यक्ति भी देखने को मिलती है।
यह प्रदर्शनी नौ मई तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक दर्शनम्-2 चित्रदीर्घा में आम जनता के लिए खुली रहेगी।
