इंदौर: द्वारकापुरी क्षेत्र में हुई एमबीए छात्रा की निर्मम हत्या के पीछे प्रेम, शक और अंधविश्वास की खौफनाक कहानी सामने आई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी पीयूष धामनोदिया ने कबूल किया कि वह छात्रा पर शक करता था और उसी सनक में उसने पहले शादी का नाटक रचाया, फिर बेरहमी से उसकी जान ले ली। हत्या के बाद आरोपी उसकी आत्मा को वश में करने के लिए तंत्र-मंत्र करने तक पहुंच गया।
सूत्रों के अनुसार आरोपी ने युवती का सोशल मीडिया अकाउंट अपने मोबाइल में ट्रांसफर कर रखा था और उसकी बातचीत पर नजर रखता था। किसी अन्य युवक से संपर्क के शक ने दोनों के बीच विवाद बढ़ा दिया। घटना वाले दिन आरोपी ने शराब पीने के बाद युवती का मुंह कपड़े और टेप से बंद किया, फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और सीने में चाकू घोंपकर मौत सुनिश्चित कर दी। जांच में सामने आया कि हत्या से ठीक पहले आरोपी ने किराए के कमरे में दीया जलाकर छात्रा को मंगलसूत्र पहनाया और शादी का स्वांग रचाया। कुछ ही मिनटों बाद वही प्रेमी हैवान बन गया। वारदात के बाद वह कमरे पर ताला लगाकर फरार हो गया।
हत्या के बाद आरोपी सीधे मुंबई के नालासोपारा इलाके के जंगलों में पहुंचा, जहां उसने सोशल मीडिया से सीखे तांत्रिक तरीकों से मृतका की फोटो, मंगलसूत्र और चूड़ियों के साथ अपने खून से नाम लिखकर आत्मा बुलाने की कोशिश की। बताया गया कि प्रारंभिक पोस्टमार्टम में गला घोंटने और चाकू के घावों से मौत की पुष्टि हुई है। विस्तृत रिपोर्ट के बाद अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी। पुलिस आरोपी के मोबाइल से वायरल वीडियो, चैट और डिजिटल साक्ष्य खंगाल रही है। दिल दहला देने वाली बात यह रही कि सरेंडर के बाद आरोपी अफसरों से यह पूछता रहा कि क्या वह अब भी पुलिस भर्ती की परीक्षा दे पाएगा। निर्मम हत्या के बावजूद उसके चेहरे पर पछतावे के बजाय भविष्य की चिंता झलक रही थी।
