सीहोर. नपा द्वारा नागरिकों को शुद्ध और गुणवत्ता युक्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अमृत 2 योजना के अंतर्गत एक महत्तवपूर्ण कदम उठाया गया है.
दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वसहायता समूहों की महिलाओं को अमृत मित्र के रूप में चयनित कर उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है ताकि वे घर-घर जाकर पेयजल की गुणवत्ता की जांच कर सकें. इसको लेकर नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर, सीएमओ भूपेन्द्र दीक्षित और नपा के अमले ने सभी क्षेत्रवासियों से पेयजल की गुणवत्ता के लिए समूहों का सहयोग करने की अपील की.
नगर क्षेत्र के सभी 35 वार्डों में चयनित तीन स्वसहायता समूहों को फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से पानी की जांच करने का कार्य सौंपा गया है. इन समूहों की सदस्याएं प्रत्येक घर में जाकर पेयजल के नमूने एकत्र कर वहीं पर त्वरित परीक्षण कर रही हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि नागरिकों को सुरक्षित और स्वास्थ्यप्रद जल प्राप्त हो रहा है. परीक्षण के दौरान जल के पीएच स्तर, क्लोरीन की मात्रा, आयरन, नाइट्रेट, लोराइड, आर्सेनिक आदि तत्वों की जांच की जा रही है. यह कार्य पूरी पारदर्शिता एवं वैज्ञानिक विधियों के अनुरूप किया जा रहा है.
