गुना: नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में सोमवार को एक बार फिर विवाद हो गया। एक किसान ने व्यापारी के कर्मचारी पर कम भाव की पर्ची देने का दावा किया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और व्यापारी के कर्मचारी ने किसान पर तमाचा मारने का आरोप लगा दिया। विवाद की वजह से मंडी में 2 घंटे से ज्यादा समय तक नीलामी नहीं हुई।
जानकारी सामने आई है कि नानाखेड़ी मंडी में रोजाना की तरह सोमवार को भी व्यापारी उपज की नीलामी कर रहे थे।
तभी ग्राम उकावद निवासी किसान कुलदीप रघुवंशी ने दावा किया कि उसकी उपज अग्रसेन ट्रेडर्स ने गेहूं 2470 रुपए प्रति क्विंटल में खरीदा है, लेकिन उसे पर्ची नहीं दी गई। इसके बाद कर्मचारी ने किसान को 2455 रुपए प्रति क्विंटल की पर्ची दे दी, जिस पर किसान नाराज हो गया। उसने कर्मचारी से 2470 रुपए प्रति क्विंटल भाव की पर्ची देने का जिद की तो अन्य व्यापारी भी मौके पर आ गए और किसानों के साथ बहस शुरु हो गई। मामले ने तूल पकड़ा तो अचानक व्यापारियों ने यह कहते हुए नीलामी रोक दी कि किसान ने कर्मचारी को तमाचा जड़ दिया।
बताया जा रहा है कि घटना के समय मंडी सचिव टीएल बैठक में कलेक्ट्रेट गए थे। इसलिए करीब 2 घंटे तक मंडी प्रबंधन बातचीत नहीं कर सका और नीलामी रुकी रही। मंडी सचिव के आते ही कार्यालय में किसानों और व्यापारियों की समस्या सुनी गई, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। अंत में व्यापारी ने दो टूक कह दिया कि उपज खरीदने के लिए जितनी राशि की पर्ची दी गई है उतने ही भाव में खरीदी होगी। हालांकि किसान संतुष्ट नजर नहीं आया। इसके बाद आंधी-तूफान की वजह से नीलामी कई घंटों तक रुकी रही।
