भोपाल। राजधानी में डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन के पद पर डॉ अरुणा कुमार की नियुक्ति के बाद गाँधी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर असोसिएशन और मेडिकल टीचर असोसिएशन दोनों ही आक्रोश व्यक्त कर रहे है. भोपाल के हमीदीया अस्पताल परिसर में सभी जूनियर डॉक्टर और टीचर्स ने बड़ी संख्या में मिल कर हाथो में पोस्टर लिए डॉ अरुणा कुमार के खिलाफ नारेबाज़ी कर प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि डॉ. अरुणा कुमार की नियुक्ति तुरंत रद्द की जाए।
जूडा ने आरोप लगाया कि डॉ. अरुणा कुमार के पूर्व प्रशासनिक कार्यकाल में एक महिला जूनियर डॉक्टर ने मानसिक प्रताडऩा के चलते आत्महत्या जैसा कदम उठाया था। इसके अतिरिक्त, उनके व्यवहार के चलते कॉलेज परिसर में कई बार तनावपूर्ण स्थिति बनी। वरिष्ठ महिला चिकित्सकों ने तो एक समय सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी तक दे दी थी इसके बावजूद भी डॉ.अरुणा कुमार को डीएमई के पद कर नियुक्ति दी गई इसके साथ ही आने वाले समय में अगर हमारी मांगों पर कार्य नहीं किया गया तो हमारा आंदोलन इसी प्रकार जारी रहेगा
हमारा विरोध व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि उनकी कार्यशैली और कार्यकाल के दौरान उत्पन्न विवादों को लेकर है। हम नहीं चाहते कि प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था के शीर्ष पद पर कोई विवादित व्यक्ति बैठे। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में कई योग्य और स्वच्छ छवि वाले वरिष्ठ चिकित्सक हैं, जो इस पद के लिए अधिक उपयुक्त हैं।
डॉ. कुलदीप गुप्ता , जुड़ा अध्य्क्ष, जीएमसी भोपाल
