मंबई, 08 जुलाई (वार्ता) स्थानीय शेयर बाजारों में मंगलवार को भारत-अमेरिका के बीच एक लघु व्यापार समझौते की उम्मीद के बीच आखिरी दौर के कारोबार में खास कर बैंकिंग, वित्तीय और बिजली क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों को लिवाली के समर्थन से प्रमुख सूचकांकों में हल्का सुधार दर्ज किया गया।
सोमवार की तरह आज भी सीमित और सावधानी भरे कारोबार के कारण बाजार सुस्त चल चल रहा था और प्रमुख सूचकांक पिछले स्तर पर बने हुए थे। आखिरी समय में लिवाली का समर्थन बढ़ गया था।
आखिरी दौर की लिवाली के समर्थन से बीएसई30 सेंसेक्स 270.01 अंक यानी 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83,712.51अंक पर तथा नेशलन स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी इसी तहर दिन में अधिकांश समय गिरावट में रहने के बाद अंत में 61.20 अंक यानी 0.24 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ 25,522 . 50 पर बंद हुआ।
वैश्विक अनिश्चितताओं और स्थानीय स्तर पर किसी ठोक संकेत के अभाव में बाजारों में अब भी नरमी का रुख बरकार है।
बीएएसई सेंसेक्स कल 83,442.50 पर बंद हुआ था। बाजार आज 83,387.03 पर नरमी के साथ खुला था और कारोबार के दौरान सेंसेक्स ऊपर में 83,812.31 और नीचे में 83,320.95 तक गया था। एनएसई 25,427.85 पर खुलने के बाद ऊपर में 25,548.05 और नीचे में 25,424.15 तक गया था।
एनएसई के व्यापक बाजार में कुल 3023 कंपनियों के शेयरों का लेन-देन दर्ज किया गया। इनमें 1352 लाभ में और 1564 घाटे में बंद हुए 108 शेयरों में स्थिरता रही।
बीएसई सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयर 0.22 प्रतिशत से 3.61 प्रतिशत तक लाभ में रहे। सबसे अधिक लाभ कोटक बैंक बैंक में हुआ जबकि आईटीसी लाभ वाले शेयरों में सबसे नीचे रहा। सबसे अधिक लाभ कोटक बैंक बैंक में हुआ, जबकि आईटीसी लाभ वाले शेयरों में सबसे नीचे रहा।
बीएसई सेंसेक्स के लाभ में रहे अन्य शेयरों में इटर्नल, एशियन पेंट, एनटीपीसी , बीईएल, अडानी पोर्ट, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, एलएंडटी, टेक महिं., टाटा मोटर्स , पावर ग्रिड, अल्ट्रासेमको, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस शामिल हैं।
महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचसीएल , भारती एयरटेल, आईटीसी, रिलायंस , टाटा स्टील , सन फार्मा, हिंदुस्तान लीवर, मारुति, एक्सिस बैंक और ट्रेंट हल्के घाटे में बंद हुये। टाइटन 6.17 प्रतिशत टूट गया।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंसियल सर्विसेज के शोध,धन प्रबंधन प्रभाग के प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि आज के सत्र के अधिकांश समय बाजार में मंदी रही, लेकिन ऐसी रिपोर्टों के बीच कि भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित एक छोटे व्यापार सौदे की आज घोषणा की जा सकती है, आखिरी दौर में सुधार हुआ।
उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा बंगलादेश पर 35 प्रतिशत आयात शुल्क लगाये जाने की घोषणा के बाद कपड़ा शेयरों में तेजी आयी, जिससे भारतीय इकाइयों को नये निर्यात ऑर्डर मिलने की उम्मीद बढ़ गयी। सेबी द्वारा म्यूचुअल फंड संचालन के लिए मानदंडों को आसान बनाने के प्रस्ताव का भी बाजार पर अनुकूल असर पड़ा। श्री खेमका की राय में कुल मिलाकर, निकट भविष्य में बाजारों के आशावादी बने रहने की उम्मीद है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा,“ निवेशक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर निश्चित प्रगति की प्रतीक्षा कर रहे हैं और संभावित सौदे को लेकर भावना आशावादी बनी हुई है, लेकिन औपचारिक पुष्टि की कमी ने नयी खरीद गतिविधि को रोक दिया है।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा प्रमुख व्यापारिक भागीदारों पर 25 प्रतिशत प्रशुल्क लागू करने की समय सीमा बढ़ाने के अमेरिकी निर्णय ने निवेशकों को अधिक रक्षात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया है। उनकी राय में कंपने के प्रथम तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा से बाजार को कुछ दिशा मिल सकती है।

