भोपाल।आचार्य शंकराचार्य की जयंती पर मप्र जन अभियान परिषद भोपाल द्वारा व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित हुआ. परिषद के उपाध्यक्ष और राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त मोहन नागर ने इस मौके पर संबोधित किया. उन्होंने कहा कि समाज की सांस्कृतिक एकता के लिए वातावरण निर्माण का कार्य आदिगुरु शंकराचार्य ने किया. मोहन नागर ने कहा कि आचार्य शंकर ने सभी वेदों के भाष्य लिखकर उनका सरलीकरण कर समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया. अद्वैतवाद के सिद्धांत के बारे में भी विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आदिगुरु शंकराचार्य ने उपनिषदों और ब्रह्मसूत्र की व्याख्या करते हुए अद्वैत वेदांत दर्शन की स्थापना की, जो सभी प्राणियों की आत्मा की ब्रह्म से एकता पर बल देता है. आदि शंकराचार्य के योगदान ने भारतीय संस्कृति, धर्म और दर्शन को आकार दिया है. उनके दर्शन और शिक्षाएं आज भी लोगों को प्रेरणा और मार्गदर्शन देती हैं.
मुख्य अतिथि डॉ. बकुल लाड ने सभी को आदिगुरु शंकराचार्य के जीवन से प्रेरणा लेकर सभी को समाज कार्य करने और उनके मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया. संभाग समन्वयक वरुण आचार्य द्वारा सभी श्रोताओं को जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जल संरक्षण का संकल्प दिलाया. जिला समन्वयक कोकिला चतुर्वेदी ने कार्यक्रम के उद्देश्य से सभी को अवगत कराया.
सांस्कृतिक एकता के लिए आदिगुरु शंकराचार्य ने काम किया
