राहुल के दबाव में हुआ जाति जनगणना का फैसला, अब समय भी करें तय : कांग्रेस

नयी दिल्ली, 02 मई (वार्ता) कांग्रेस ने कहा है कि सरकार ने उसकी नेता राहुल गांधी के जाति जनगणना पर मुखर होने और जनमत को देखते हुए कांग्रेस के दबाव में जाति जनगणना करने का फैसला किया है लेकिन अब उसे यह भी बताना होगा की यह काम कब तक होगा और इसके लिए कितना बजट आवंटित किया जा रहा है।

कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के बाद पार्टी नेता भूपेश बघेल, सचिन पायलट, चरणजीत सिंह चन्नी तथा जयराम रमेश ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार ने जातिगत जनगणना कराने की घोषणा की है। इस मुद्दे पर कार्य समिति की बैठक लगभग दो घंटे चली, जिसमें सामाजिक न्याय को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ है।

समिति ने कहा कि पूरी भाजपा और नेताओं के विरोध के बावजूद कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस मुद्दे को लेकर बहुत मुखर रहे। कांग्रेस नेताओं और श्री गांधी को अर्बन नक्सल तक कहा गया और जो दल 11 साल से सत्ता में है उसने जाति गणना को देश और समाज के लिए ‘जहर’ की संज्ञा दी। श्री गांधी के संसद के अंदर-बाहर इस मामले को उठाने पर, मोदी सरकार यह समझ गई कि जन भावना कांग्रेस के साथ है। देश की अधिकांश जनता भागीदारी चाहती है।

उन्होंने कहा “ सीडब्ल्यूसी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बजट का आवंटन, नीति निर्माण, सहयोग और समर्थन देना जैसे फैसले, अभी सिर्फ अंदाजे के बल पर लिए जाते थे। कोई जवाबदेही, कोई पारदर्शिता नहीं थी। सरकार मनमाने तरीके से जहां चाहे बजट का पैसा और योजना लगा देती थी। पर अब वो ऐसा नहीं कर पाएगी। श्री गांधी, कांग्रेस पार्टी, इंडिया गठबंधन के नेताओं और जनता के सरकार यह निर्णय लेना पड़ा। सीडब्ल्यूसी चाहती है कि बिना समय खोए सरकार घोषणा करे कि कितने समय में जातिगत जनगणना पूरी होगी और इसके क्या मापदंड तय किए जाएंगे।”

कांग्रेस नेताओं ने कहा “ जाति जनगणना की डिटेल क्या है, इसकी प्रश्नावली कहां है और इसके लिए बजट का आवंटन नहीं हुआ है। सरकार ने पहले हमारी मांग की आलोचना की और जब पूरा देश पहलगाम आतंकी हमले को लेकर शोक मना रहा है- तो अचानक से जातिगत जनगणना करवाने का फैसला क्यों लिया गया। सिडब्ल्यूसी ने कहा है कि अगर सरकार ईमानदारी से जातिगत जनगणना करवाना चाहती है तो तेलंगाना के मॉडल को अपनाइए।”

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