दो आतंकियों को ढेर करने वाले आरएफ जवान के मामले में फैसला सुरक्षित

जबलपुर। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग पर दो आतंकियों को ढेर करने वाले रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ ) के एक इंस्पेक्टर की अपील पर शुक्रवार को सुनवाई पूरी हो गई। दरअसल आवेदक ने आउट ऑफ टर्न प्रमोशन न मिलने को चुनौती दी है। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने उभयपक्षों के तर्क सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।

दरअसल हाईकोर्ट में यह अपील भोपाल निवासी रेवाशंकर योगी की ओर से वर्ष 2013 में दायर की गई है। जिसमें कहा गया है कि उसने दो जवानों के साथ 1 अप्रैल 2008 को अनंतनाग में आतंकी असलम खान और जावेद अहमद को मार गिराया था। आतंकी अमरनाथ यात्रियों पर हमला करने की फिराक में थे। उक्त उत्कृष्ट कार्य के लिए उसे आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिलना था। सीआरपीएफ के तत्कालीन डीआईजी की अनुशंसा के बाद भी ऐसा नहीं किया गया, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है। मामले में भारत सरकार, डीजीपी सीआरपीएफ दिल्ली, आईजी सीआरपीएफ श्रीनगर व डिप्टी आईजी सीआरपीएफ अनंतनाग सहित कमांडेंट को पक्षकार बनाया गया है। मामले में शुक्रवार को सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।

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