
बालाघाट। वारासिवनी में नरोड़ी गांव ने पौधरोपण के कार्य मे मिसाल पेश की है। यहाँ आज से 2 साल पहले पंचायत की भूमि पर गांव के लोगो द्वारा लावारिस जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ था। गांव के ही लोगों में किसी ने पशु बांधने के लिए शेड बना रखे थे, तो किसी ने चारागाह बनाया हुआ था। ऐसी स्थिति में ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लिया। इसी भूमि पर फिर से अतिक्रमण होना प्रारम्भ हो गया था। पंचायत ने फिर सक्रिय होकर अतिक्रमण हटाया। इसके बाद मनरेगा योजना के तहत करीब 1 हैक्टेयर क्षेत्र में फलदार पौधों का पौधारोपण किया गया। आज 2 साल पहले हुए पौधारोपण से गांव को ही आम, कटहल,अमरूद और जामुन जैसे फल मिलने की स्थिति में आ गई है।
पंचायत के सरपंच की इस बगीचे को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सरपंच ने रूचि लेकर अपना योगदान दिया। उन्होंने देखरेख के साथ स्वयं ने ऊंचे स्थान पर पानी की टंकी रखवाई। ताकि पानी पूरे क्षेत्र में पहुँच जाएं। यह पौधरोपण मनरेगा के तहत 3.53 लाख रुपये की लागत से लगाया गया। अब यह गांव के सम्मान का क्षेत्र बन गया है।
